Publish Date: Fri, 15 Aug 2025 (09:10 IST)
Updated Date: Fri, 15 Aug 2025 (12:17 IST)
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि दिवाली तक वस्तु एवं सेवा कर (GST) में अगली पीढ़ी के सुधार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे आम आदमी को 'काफी' कर राहत मिलेगी और छोटे एवं मध्यम उद्यमों को लाभ होगा। मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के आठ वर्ष पूरे होने के साथ ही जीएसटी में सुधार करने का समय आ गया है।
जीएसटी 1 जुलाई, 2017 को लागू हुआ था। लाल किले की प्राचीर से अपने भाषण में मोदी ने कहा, ''हमने राज्यों के साथ चर्चा की है और हम दिवाली तक अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार लागू करेंगे, जो नागरिकों के लिए दिवाली का तोहफा होगा।
आम आदमी की जरूरत की वस्तुओं पर कर में काफी कमी की जाएगी। हमारे एमएसएमई को इसका बहुत फायदा होगा। दैनिक उपयोग की वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी, जिससे हमारी अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।'' राज्यों के वित्त मंत्रियों वाला एक मंत्रिसमूह (जीओएम) पहले ही जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने और स्लैब में कटौती पर चर्चा कर रहा है। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि उसने मंत्रियों के समूह (जीओएम) को दो स्लैब वाली जीएसटी दर संरचना और साथ ही चुनिंदा वस्तुओं के लिए विशेष दरों का प्रस्ताव दिया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कहा कि जीएसटी सुधार दिवाली तक लागू हो जाएंगे, जिससे कर का बोझ काफी कम होगा और छोटे उद्योगों को लाभ होगा।
इस घोषणा के तुरंत बाद, वित्त मंत्रालय ने कहा कि जीओएम के साथ साझा किया गया केंद्र का प्रस्ताव तीन बिंदुओं पर आधारित है - संरचनात्मक सुधार, दरों को युक्तिसंगत बनाना और जीवन को आसान बनाना।
प्रस्ताव में आम आदमी के जरूरत की वस्तुओं और आकांक्षात्मक वस्तुओं पर करों में कमी शामिल है।
केंद्र ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली के तहत दो स्लैब - मानक और योग्यता - का प्रस्ताव दिया है। विशेष दरें केवल कुछ चुनिंदा वस्तुओं पर ही लागू होंगी। इस समय जीएसटी 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत की चार स्तरीय संरचना है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद की बैठक सितंबर में होने की उम्मीद है, जिसमें दरों को युक्तिसंगत बनाने के लिए मंत्रिसमूह के प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। Edited by : Sudhir Sharma