Weather Updates : पुणे में भारी बारिश का अलर्ट, सोमवार को बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

रविवार, 4 अगस्त 2019 (21:13 IST)
पुणे (महाराष्ट्र)। पुणे में रविवार को भारी बारिश के साथ ही जिला प्रशासन ने एक परामर्श जारी कर लोगों से सतर्क रहने को कहा है। प्रशासन ने यह आशंका भी जताई है कि स्थिति नाजुक हो सकती है। इसके मद्देनजर स्कूलों एवं कॉलेजों को सोमवार को बंद रखने का आदेश दिया है।
 
शहर को जलापूर्ति करने वाले बांधों के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश होने के चलते रविवार को मुठा नदी में पानी छोड़े जाने के बाद जिले में निचले इलाकों को सतर्क कर दिया गया है।
जिला कलेक्टर नवल किशोर राम ने कहा है कि बारिश को लेकर यहां और पिंपरी छिंदवाड़ में सोमवार को शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। भारी बारिश के चलते बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद मुला, मुठा, पावना, भीमा और नीरा नदियां उफान पर हैं।
 
राम ने कहा कि हमने नागरिकों को एक परामर्श जारी कर अपने घरों से तब तक नहीं निकलने को कहा है, जब तक कि बहुत जरूरी न हो, क्योंकि स्थिति नाजुक हो सकती है। उन्होंने कहा कि जिले के बाढ़ प्रभावित इलाके से अब तक 2000 से 2500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के एक अधिकारी ने बताया कि कामशेट इलाके में एक मकान में फंसे एक परिवार के 7 लोगों को बल की एक टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस मकान में पानी भर गया था।
 
खडकवासला बांध से और ज्यादा पानी छोड़े जाने के बाद बालेवाडी, बानेर, औंध, यरवदा, सिंघाद रोड और बोपोडी के निचले इलाके में जलजमाव हो गया है। दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि निचले इलाके में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है।
सिंचाई विभाग के मुताबिक 4 बांधों- खड़कवासला, पनसेट, वर्सागांव और तेमघर के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार बारिश हुई है। सिंचाई विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सभी चारों बांध अधिकतम भंडारण क्षमता से भरे हुए हैं। इसके कारण मुठा नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। 
 
उन्होंने बताया कि रविवार को दिन में 11 बजे के बाद खड़कवासला बांध से करीब 35,574 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जलग्रहण क्षेत्र में बारिश होने के कारण 3 बजे 41,756 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। कई इलाके जलमग्न हो चुके हैं और बांध से पानी छोड़े जाने के बाद कई और इलाकों के प्रभावित होने की आशंका है।
मध्यप्रदेश में मानसून सक्रिय, कहीं-कहीं बारिश की झमाझम : मध्यप्रदेश में मानूसन सक्रिय है और कहीं-कहीं झमाझम बारिश का दौर जारी है। इस बीच करीब 10 दिन उपरांत रविवार को राजधानी भोपाल में दोपहर में बादल बिखरे और चमकीली धूप निकली।
 
पिछले 24 घंटों में इंदौर, भोपाल, उज्जैन एवं जबलपुर संभाग में अधिकांश स्थानों पर वर्षा हुई जिसमें नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में 106 मिमी पानी बरसा है। आगर में 84 मिमी, खुरई में 73, अंबाह, खुवासरा, शाजापुर एवं बिछिया में 60 मिमी, दमोह में 53 मिमी, पन्ना, गोहद एवं भाभरा में 50 मिमी, नरसिंहपुर में 43 मिमी तथा 40 एवं 30 मिमी वर्षा प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में हुई है।
 
अगले 24 घंटों में प्रदेश के 18 जिलों जिसमें आलीराजपुर, बड़वानी, झाबुआ, रतलाम, नीमच, मंदसौर, खंडवा, खरगोन, गुना, अशोकनगर, सागर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, रीवा, सतना, अनूपपुर और शहडोल जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।


पालघर में पुल का एक हिस्सा बहा : महाराष्ट्र के पालघर में पिंजाल नदी पर वाडा और मालवाडा को जोड़ने वाले पुल का एक हिस्सा भारी बारिश के कारण दोपहर में बह गया। पालघर के पुलिस प्रवक्ता हेमंत काटकर ने बताया कि घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन मुख्य सड़क पर आवाजाही थम गई।
 
एक अधिकारी ने बताया कि दूसरी घटना में भारी बारिश के बाद विरार के बथाने गांव में स्थानीय पुलिस और नगर निकाय के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ ने 15 लोगों को बचाया।
 
अधिकारी ने बताया कि मानूर में पानी भरने के बाद एक गोदाम में 4 लोगों तथा एक अन्य जगह फंसे 8लोगों को सुरक्षित निकाला गया। उन्होंने बताया कि यहां वालिव में खानबाग पुल पर एक ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिसके बाद फंसे हुए 3 लोगों को निकाला गया।
राजस्थान के 6 जिलों में मूसलधार बारिश की चेतावनी : राजस्थान में पिछले 24 घंटों के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश और अन्य कई स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई।
 
मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटे के दौरान बांसवाड़ा, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, राजसमंद जिलों में मूसलधार और अलवर, झालावाड़, झुंझुनूं, कोटा सहित 9 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
 
आंध्रप्रदेश में 70 हजार से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित : आंध्रप्रदेश में गोदावरी नदी से आई बाढ़ के कारण कुल 74,068 लोग प्रभावित हुए हैं और 17,632 लोगों को राहत शिविरों में भेजा गया है। आंध्रप्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी गोदावरी जिलों के कम से कम 6 मंडल भारी बारिश की विपदा से जूझ रहे हैं।
 
दोवलेश्वरम में सर आर्थर कॉटन बैराज में पानी का स्तर रविवार सुबह 13.58 लाख क्यूसेक से ऊपर चले जाने के बाद दूसरी चेतावनी जारी की गई। इसमें से करीब 7,500 क्यूसेक पानी को डेल्टा नहरों में और बंगाल की खाड़ी में छोड़ दिया गया।
 
बाढ़ की वजह से किसी के मरने की खबर नहीं है और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के साथ राज्य आपदा मोचन बल की टीमें आवश्यक वस्तुओं के साथ प्रभावित इलाकों में पहुंच चुकी हैं।
 
प्रारंभिक अनुमान के अनुसार सड़क और दूसरे ढांचों को करीब 6.45 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। पूर्वी और पश्चिमी गोदावरी जिलों में 280 गांव बाढ़ की चपेट में हैं और इनमें पूर्वी गोदावरी में हालत अधिक गंभीर हैं, जहां 52,500 लोग इससे प्रभावित हुए हैं जबकि पश्चिमी गोदावरी में 21,568 लोग इस आपदा से पीड़ित हैं।

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