Publish Date: Mon, 06 Sep 2021 (16:19 IST)
Updated Date: Mon, 06 Sep 2021 (16:21 IST)
आरएसएस, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की तुलना तालिबान से किए जाने के बाद लेखक-गीतकार जावेद अख्तर विवादों में घिर गए हैं।
उनकी इस टिप्पणी को लेकर भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने रविवार को उनके घर के बाहर प्रदर्शन किया था।
विरोध को देखते हुए मुंबई स्थित जावेद अख्तर के आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
भाजपा ने अख्तर से उनकी उस टिप्पणी को लेकर उनसे माफी की मांग की है। मुंबई पुलिस के अधिकारी ने कहा कि जुहू इलाके में इस्कॉन मंदिर के पास स्थित अख्तर के आवास के बाहर पुलिस की पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि महिला कांस्टेबल सहित सुरक्षा कर्मियों को गीतकार के घर के बाहर तैनात किया गया है।
अख्तर ने हाल ही में एक समाचार चैनल से कहा था कि पूरी दुनिया में दक्षिणपंथियों में एक अनोखी समानता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का नाम लिए बिना गीतकार ने कहा था, तालिबान एक इस्लामी देश चाहता है। ये लोग हिंदू राष्ट्र बनाना चाहते हैं।
भाजपा विधायक और प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता राम कदम ने अख्तर की टिप्पणी की निंदा की। मुंबई के विधायक ने कहा कि अख्तर से जुड़ी किसी भी फिल्म को देश में तब तक प्रदर्शित नहीं होने दिया जाएगा जब तक कि वह अपनी टिप्पणियों के लिए संघ के पदाधिकारियों से माफी नहीं मांग लेते।
महाराष्ट्र में एनसीपी और कांग्रेस के साथ सत्ता साझा करने वाली शिवसेना ने सोमवार को कहा कि आरएसएस की तालिबान से तुलना करने में गीतकार जावेद अख्तर 'पूरी तरह से गलत' थे।
शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में कहा गया है, 'आप कैसे कह सकते हैं कि हिंदू राष्ट्र की अवधारणा का समर्थन करने वाले तालिबानी मानसिकता के हैं? हम इससे सहमत नहीं हैं'