Publish Date: Wed, 07 Dec 2022 (18:39 IST)
Updated Date: Wed, 07 Dec 2022 (18:43 IST)
नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को कहा कि चीन द्वारा वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को बदलने के एकतरफा प्रयासों को भारत बर्दाश्त नहीं करेगा और जब तक यह स्थिति रहेगी, दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंध सामान्य नहीं होंगे। राज्यसभा में 'भारत की विदेश नीति में नवीनतम घटनाक्रमों' पर दिए गए एक बयान के बाद सदस्यों की ओर से मांगे गए स्पष्टीकरण पर जयशंकर ने यह जानकारी दी।
राज्यसभा में 'भारत की विदेश नीति में नवीनतम घटनाक्रमों' पर दिए गए एक बयान के बाद सदस्यों की ओर से मांगे गए स्पष्टीकरण पर जयशंकर ने यह जानकारी दी। कांग्रेस के प्रमोद तिवारी और नासिर हुसैन ने भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव से जुड़े मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री से जवाब मांगा था।
जयशंकर ने कहा कि कूटनीतिक रूप से हम चीन के साथ बहुत स्पष्ट रहे हैं कि वास्तविक नियंत्रण रेखा को बदलने के प्रयासों को हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। जब तक वे ऐसा करना जारी रखते हैं और यदि उन्होंने ऐसी ताकतों का निर्माण किया, जो हमारे लिए सीमावर्ती क्षेत्र में एक गंभीर चिंता का विषय हैं तो हमारे संबंध सामान्य नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में दोनों देशों के असामान्य रिश्ते भी इसका सबूत है। जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच वरिष्ठ सैन्य कमांडर स्तरीय वार्ता जारी है। उन्होंने कहा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फिलहाल इसे सैन्य कमांडर स्तरीय वार्ता पर छोड़ दिया जाना चाहिए।
ज्ञात हो कि जून 2020 में गलवान घाटी में भीषण झड़प के बाद भारत और चीन के बीच संबंधों में तनाव पैदा हो गया था। पूर्वी लद्दाख के डेमचोक और देपसांग क्षेत्रों में गतिरोध को हल करने पर अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई है, हालांकि दोनों पक्षों ने सैन्य और राजनयिक वार्ता के जरिए टकराव वाले बिंदुओं से सैनिकों को पीछे हटाया है।(भाषा)
Edited by: Ravindra Gupta