Publish Date: Tue, 16 Oct 2018 (18:03 IST)
Updated Date: Tue, 16 Oct 2018 (18:13 IST)
तिरूवनंतपुरम। केरल में मासिक पूजा के लिए भगवान अय्यप्पा का मंदिर बुधवार से खुल रहा है और इससे पहले सबरीमाला मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार माने जाने वाले निलाकल में तनाव जोरों पर हैं क्योंकि मंगलवार को भक्तों ने प्रतिबंधित उम्र वर्ग की महिलाओं को लेकर मंदिर की तरफ से जाने वाले वाहनो को रोक दिया।
उच्चतम न्यायालय के सभी उम्रवर्ग की महिलाओं के प्रवेश से संबंधित हालिया फैसले के बाद पारस्थितिकीय रूप नाजुक पश्चिमी घाट की पर्वत श्रृंखला पर स्थित इस मंदिर को पहली बार खोला जा रहा है।
हर वाहन को रोक रही है महिलाएं : पहाड़ी पर स्थित सबरीमाला मंदिर से लगभग 20 किलोमीटर दूर आधार शिविर निलाकल में परंपरागत साड़ी पहने महिलाओं के समूह को प्रत्येक वाहनों को रोकते देखा जा सकता है। इनमें वरिष्ठ नागरिक भी शामिल हैं।
निजी वाहनों के अलावा श्रद्धालुओं ने केरल राज्य पथ परिवहन निगम की बसें भी रोकीं और उनमें से युवतियों को बाहर निकलने को कहा। जब इस तरह की घटनाएं हुई तब वहां बहुत कम पुलिसवाले तैनात थे।
एक महिला आंदोलनकारी ने कहा, ‘प्रतिबंधित उम्र 10 से 50 साल आयु वर्ग की महिलाओं को निलाकल से आगे नहीं जाने दिया जाएगा और उन्हें मंदिर में पूजा भी नहीं करने दी जाएगी।'
क्या बोले मुख्यमंत्री : मुख्यमंत्री पी विजयन ने बताया कि सबरीमाला जाने वाले श्रद्धालुओं को रोकने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। मंदिर को मलयालम थुलाम महीने में पांच दिन की मासिक पूजा के बाद बंद कर दिया गया था। (भाषा)