Festival Posters

शाहीन बाग का सच : वीडियो वायरल होने के बाद आंदोलन पर उठे सवाल

WD
गुरुवार, 16 जनवरी 2020 (14:14 IST)
(700 और 1200 रुपए लेकर मुस्‍लिम महिलाएं हो रहीं प्रदर्शन में शामिल)


पिछले कई दिनों से दिल्‍ली के शाहीन बाग में एनआरसी (NRC) और (CAA) को लेकर मुस्‍लिम महिलाओं का विरोध जारी है। इस प्रदर्शन को विरोध के एक बड़े स्‍वर के तौर पर देखा जा रहा है। मीडिया भी इसे लगातार कवरेज दे रहा था, लेकिन गुरुवार को शाहीन बाग के प्रोटेस्‍ट को लेकर कुछ चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं।

दरअसल, ट्विटर पर #शाहीनबागट्रूथ, #बिकाऊऔरते_शहीनबागकी और #बिकाऊ_प्रदर्शनकारी सबसे ऊपर ट्रैंड कर हैं। इसी ट्रैंड के साथ ही शाहीन बाग के कुछ वीडियो भी वायरल हुए हैं, जिनमें स्‍थानीय लोग शाहीन बाग के आंदोलन में शामिल मुस्‍लिम महिलाओं का सच बता रहे हैं। सच क्‍या है यह तो फिलहाल किसी को नहीं पता है, लेकिन वीडियो में जो बातें कही जा रही हैं, उससे शाहीन बाग के आंदोलन की हकीकत पर सवाल जरूर खड़े हो गए हैं।

आखिर क्‍या है वीडियो में : गुरुवार को ट्विटर पर अचानक यह एक वीडियो ट्रैंड करने लगा। मोबाइल से किए गए इस वीडियों में दो स्‍थानीय लोग यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि शाहीन बाग के प्रोटेस्‍ट में बैठने के लिए यहां की गरीब महिलाएं 700, 800, 1000 और 1200 रुपए ले रही हैं। इसके साथ ही उन्‍हें खाने-पीने की सामग्री भी मुहैया करवाई जा रही है।

आंदोलन में भीड़ कम न हो इसके लिए लगातार औरतों को पैसे देकर यहां बिठाया जा रहा है। इसके लिए बकायदा शिफ्ट में महिलाएं आकर मैदान में बैठ रही हैं।

गरीबों का माफ हो रहा किराया : वीडियो में यह बातचीत भी सुनी जा सकती है कि कई मकान मालिकों ने अपने गरीब किराएदारों का किराया भी इसलिए माफ किया है कि वे धरने में शामिल हों। बताया गया है कि दिल्‍ली के कालिंदी कुंज और बाटला हाउस इलाकों में यही सब हो रहा है और इसमें कई महिलाएं इसमें शामिल हैं।

वीडियो सामने आने के बाद यह ट्विटर पर ‘#शाहीनबागट्रूथ’ और ‘हैशटैग बिकाऊ औरतें शाहीन बाग की’ टॉप में ट्रैंड कर रहा है। इसमें कई लोग शाहीन बाग आंदोलन के फर्जी होने की आलोचना कर रहे हैं तो वहीं कई यूजर्स मामले की जांच की मांग कर रहे हैं।

इधर भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने भी अपने ट्विटर अकांउट से यह वीडियो पोस्‍ट कर इसे प्रायोजित बताया है। उन्‍होंने लिखा है,

‘शाहीन बाग प्रोटेस्‍ट एक्‍सपोज्‍ड, सारा खेल पैसों का है। उन्‍होंने वीडियों के साथ ट्वीट किया कि यह सारा खेल कांग्रेस का है और इसे स्‍पोन्‍सर किया गया है’।

कुछ यूजर्स का कहना है कि यह आंदोलन दरअसल, एनआरसी और सीएए के खिलाफ है ही नहीं। इसकी ध्‍वनि से साफ जाहिर है कि यह हिन्‍दू विरोधी प्रदर्शन है। शाहीन बाग के प्रदर्शन का सच क्‍या है यह तो बाद में सामने आए शायद, लेकिन फिलहाल सवाल यह है कि आखिर कौन है इसके पीछे और क्‍या है इसका मकसद।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

कर्ज मांगने की कीमत चुकानी पड़ती है, शाहबाज शरीफ का बड़ा कबूलनामा

कंपाउंडर ने कबूला साध्वी प्रेम बाईसा को एक से ज्‍यादा इंजेक्शन दिए थे, लेकिन मौत पर सवाल बरकरार

बलूचिस्तान में BLA का बड़ा हमला, 12 शहरों को बनाया निशाना, 20 पाकिस्‍तानी सैनिकों की मौत

रामलीला के दौरान बड़ा हादसा, राम के तीर से रावण हुआ अंधा, मुकदमा दर्ज

शेयर बाजार के लिए कैसा रहा हफ्ता, बजट तय करेगा आगे की चाल?

सभी देखें

नवीनतम

Stock Market Crash : बजट धमाका या बाजार को झटका, निवेशकों के 10 लाख करोड़ स्वाहा, क्या STT बना विलेन, क्यों मचा शेयर बाजार में कोहराम

बजट में नए व विकसित भारत की संकल्पना की स्पष्ट दृष्टि : योगी आदित्यनाथ

Budget 2026 Defence: रक्षा बजट में 1 लाख करोड़ का इजाफा, सेना की बढ़ेगी ताकत

Union Budget 2026-27 : Nirmala Sitharaman का बजट धमाका! 10 बड़े ऐलान जिन्होंने सबको चौंका दिया

Old vs New Tax Regime: बजट 2026 के बाद कौन सी टैक्स व्यवस्था है आपके लिए बेस्ट?

अगला लेख