ममता की महारैली, शत्रुघ्न सिन्हा पर गिर सकती है गाज

शनिवार, 19 जनवरी 2019 (19:13 IST)
नई दिल्ली। भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की रैली को ‘राजनीतिक अवसरवादिता’ बताया और मंच पर पार्टी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा की मौजूदगी का संज्ञान लेते हुए उन पर कार्रवाई के संकेत दिए।
 
कोलकाता के ब्रिगेड मैदान में आयोजित यह रैली एक प्रकार से राष्ट्रीय राजनीति में गैर-राजग दलों का शक्ति प्रदर्शन थी। रैली में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरद पवार, नेशनल कांफ्रेंस के फारुक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला, सपा प्रमख अखिलेश यादव, आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे और अभिषेक मनु सिंघवी, जनता दल (एस) के नेता तथा पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और कुमारस्वामी, तेलुगूदेशम पार्टी प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू, भाजपा के पूर्व सांसद अरुण शौरी और यशवंत सिन्हा तथा राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव, राष्ट्रीय लोकदल के जयंत चौधरी, द्रमुक नेता एमके स्टालिन तथा लोकतांत्रिक जनता दल के शरद यादव मौजूद थे।
 
भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने पार्टी मुख्यालय में कहा कि ये सभी दल सिर्फ एक व्यक्ति (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) के खिलाफ अपने व्यक्तिगत स्वार्थों के कारण एकजुट हुए हैं। लेकिन, जनता समझदार है और उनके झांसे में नहीं आएगी। उन्होंने इसे ‘राजनीतिक अवसरवादिता’ करार देते हुए कहा कि ये जो 50-55 लोग वहां एकत्र हुए हैं, मैं यह जानना चाहता हूं कि उनका नेता कौन है।
 
बिहार के पटना साहिब से सांसद शत्रुघ्न सिन्हा पर कार्रवाई के संकेत देते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी ने इस घटना का संज्ञान लिया है और जल्द ही उचित कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वे व्हिप का हर समय पालन करते हैं ताकि उनकी पार्टी की सदस्यता बनी रहे। व्हिप जारी होने पर वे हमसे पहले जाकर अपनी सीट पर बैठ जाते हैं। लेकिन, साथ ही वे इतने मौका परस्त हैं कि उनमें मंच पर चढ़ने और सम्मेलन में उपस्थित रहने की भी चाहत है। जिस प्रकार से उनकी गतिविधि है अब तो पार्टी संज्ञान ले चुकी है और मुझे लगता है कि पार्टी कदम उठाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग सांसदों को मिलने वाली सुविधाएं लेने के लिए सिर्फ भाजपा का ठप्पा लगाकर घूमना चाहते हैं।
 
इससे पहले कोलकाता में रैली को संबोधित करते हुए सिन्हा ने यह साफ कर दिया कि उन्हें पार्टी से निकाले जाने का कोई डर नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि सच कहना बगावत है तो मैं बागी हूं। मैं देश के लोगों के प्रति जवाबदेह हूं। उन्होंने कहा कि वे सिर्फ वे सिर्फ पार्टी को ‘आइना दिखाने के प्रयास’ में रैली में आए हैं। सिन्हा अटलबिहारी वाजपेयी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं।

वेबदुनिया पर पढ़ें

अगला लेख सौराष्ट्र रिकॉर्ड लक्ष्य हासिल करके रणजी सेमीफाइनल में पहुंचा