Publish Date: Sat, 17 May 2025 (15:25 IST)
Updated Date: Sat, 17 May 2025 (15:28 IST)
colonel sophia qureshi salary per month: बीते दिनों ऑपरेशन सिन्दूर का जाना-माना चेहरा बन चुकीं कर्नल सोफिया कुरैशी आज किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं गुजरात के वडोदरा शहर में जन्मीं कर्नल सोफिया कुरैशी आर्मी बैकग्राउंड से आती हैं, उनके दादा भी सेना में थे। उनके पति मेकेनाइज्ड इन्फेंट्री में आर्मी ऑफिसर हैं। वर्तमान में देश की सेवा कर रही सोफिया भारतीय सेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन के अंतर्गत 1999 में शामिल हुईं थीं। आज देश को उनकी उपलब्धि पर गर्व है और वे कई लोगों के लिए प्रेरणा हैं। ऐसे में कई लोगों के मन में जिज्ञासा होती है कि जिस प्रतिष्ठित पद पर वे देश की सेवा कर रहीं हैं उस पद पर काम करने वाले किसी अधिकारी को कितनी सैलरी मिलती होगी। आइये जानते हैं।
सैलरी और भत्ते
कर्नल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना में एक महत्वपूर्ण और भरोसेमंद पद पर सेवारत हैं। उनकी भूमिका इतनी खास है कि वह अक्सर रणनीतिक और संवेदनशील अभियानों में शामिल होती हैं। भारतीय सेना में कर्नल रैंक के अधिकारी की बेसिक सैलरी ₹1,21,200 से लेकर ₹2,12,400 के बीच होती है। लेकिन, कर्नल सोफिया कुरैशी को सिर्फ बेसिक सैलरी ही नहीं, बल्कि कई अन्य भत्ते और लाभ भी मिलते हैं, जो उनकी कुल आय को और बढ़ाते हैं:
• महंगाई भत्ता (DA): उन्हें महंगाई के आधार पर एक निश्चित राशि महंगाई भत्ते के तौर पर दी जाती है, जो समय-समय पर सरकार द्वारा संशोधित होती रहती है।
• मिलिट्री सर्विस पे (MSP): अपनी सेवा के लिए उन्हें हर महीने ₹15,500 मिलिट्री सर्विस पे (MSP) के तौर पर मिलते हैं। यह सैन्य सेवा के लिए एक विशेष सम्मान राशि होती है।
• हाउस रेंट अलाउंस (HRA): भारतीय सेना के कर्मियों को मकान के लिए हाउस रेंट अलाउंस (HRA) मिलता है, यदि वे सरकारी आवास में नहीं रहते हैं।
• फील्ड एरिया अलाउंस (FAA): सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कर्नल सोफिया कुरैशी जैसे सैनिकों को रिस्क वाले एरिया में काम करने के कारण 'फील्ड एरिया अलाउंस' भी दिया जाता है। यह भत्ता उनकी तैनाती के स्थान पर निर्भर करता है और आमतौर पर ₹10,500 से लेकर ₹25,000 तक हो सकता है। यह भत्ता उनकी चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरी ड्यूटी को दर्शाता है, खासकर जब वे किसी संवेदनशील या खुफिया ऑपरेशन में शामिल हों।
ये सभी भत्ते और लाभ मिलकर कर्नल सोफिया कुरैशी की कुल आय को काफी आकर्षक बनाते हैं, जो उनके उच्च-स्तरीय और महत्वपूर्ण योगदान के अनुरूप है।
देश सेवा की लंबी विरासत
कर्नल सोफिया कुरैशी सिर्फ अपनी व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिए ही नहीं, बल्कि अपने परिवार की देशभक्ति की गौरवशाली विरासत के लिए भी जानी जाती हैं। गुजरात के वडोदरा की रहने वाली सोफिया ऐसे परिवार से आती हैं, जिसके पास देश की सेवा करने की लंबी विरासत है:
• दादाजी: सोफिया के दादा भारतीय सेना में रिलीजियस टीचर (आरटी) कैडर में सेवारत थे, जो अपने समय में एक सम्मानित पद था।
• पिताजी: उनके पिता, ताज मोहम्मद कुरैशी, ने 1971 के भारत-पाक युद्ध में भारत को जीत दिलाने के लिए बहादुरी से लड़ाई लड़ी थी।
• परदादी: सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि सोफिया की परदादी 1857 के सिपाही विद्रोह का हिस्सा थीं। यही नहीं, उन्होंने ब्रिटिश भारतीय सेना में भी सेवा की थी। यह परिवार की कई पीढ़ियों से देश सेवा की परंपरा को दर्शाता है।
कर्नल सोफिया कुरैशी जैसी अधिकारी न केवल भारतीय सेना का गौरव हैं, बल्कि वे उन लाखों युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं जो देश सेवा का सपना देखते हैं। उनकी कहानी हमें बताती है कि कड़ी मेहनत, लगन और एक मजबूत पारिवारिक विरासत के साथ व्यक्ति अपने देश के लिए असाधारण योगदान दे सकता है।
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