Dharma Sangrah

क्यों आते हैं तूफान, समुद्रों में छुपा है तबाही का राज

Webdunia
गुरुवार, 10 मई 2018 (14:55 IST)
दुनियाभर में हर साल हजारों तूफान आते हैं लेकिन इनमे से अधिकतर भूमि से दूर महासागरों में आते हैं। दरअसल यह तूफान निर्मित ही समुद्रों में होते हैं। मेनलैंड या भूमि तक आते-आते इसमें से अधिकतर तूफान अपनी तीव्रता खो देते हैं। लेकिन कुछ इतने ताकतवर होते हैं कि जमीन पर कहर बरपा देते हैं। 
 
तो आखिर कैसे बनते है प्रलयंकारी तूफान : तूफान की उत्पत्ति तब होती है, जब समुद्री जल का तापमान 79 डिग्री फारेनहाइट (26.1 डिग्री सेल्सियस) से बढ़ जाता है। 
 
जैसे-जैसे गर्म जल वाष्प में बदलता और ऊपर वातावरण में पहुंचता है, यह ठंडी हवा से मिलकर प्रतिक्रिया करता है और तूफान के रूप में समाने आता है। उच्च तापमान से ऊर्जा का स्तर बढ़ता है, जो आखिर में हवाओं की रफ्तार, बारिश और अन्य कारकों को प्रभावित करता है। 
 
जब तापमान बढ़ता है तो वातावरण में मॉइश्‍चर (नमी) बढ़ जाता है। हवा में नमी अधिक होने से जब वो कम या ज्यादा तापमान वाले क्षेत्रों में पहुंचती है तो अत्यधिक शक्तिशाली सिस्टम बन जाता है जिससे बिजली गिरना, भारी बरसात, ओला वृष्टि या अत्यधिक बर्फ गिरने की स्थिति बन जाती है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप, बोलीं- भाजपा के इशारे पर लोकतंत्र को कर रहा कमजोर

अयातुल्ला खामेनेई को सता रहा अमेरिकी हमले का डर, तेहरान के भूमिगत बंकर को बनाया ठिकाना

तेजस्वी यादव बने RJD के कार्यकारी अध्यक्ष, रोहिणी आचार्य बोलीं- लालूवाद को खत्म करने की साजिश

शशि थरूर बोले- कांग्रेस का कभी विरोध नहीं किया, ऑपरेशन सिंदूर पर रुख के लिए नहीं मांगूगा माफी

ईरानी सेना के कमांडर की अमेरिका को चेतावनी, कहा- इशारा मिलते ही दब जाएगा ट्रिगर

सभी देखें

नवीनतम

दावोस में टीम योगी की बड़ी उपलब्धि, मिले लगभग 3 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव

माघ मेले में स्पेशल-17 की टीम कर रही स्वास्थ्य की सुरक्षा, फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स से खाद्य पदार्थों की जांच

UP में यातायात के 'रक्षक' बनेंगे युवा, परिवहन विभाग ने स्काउट्स और एनसीसी कैडेट्स को सिखाए सड़क सुरक्षा के गुर

योगी सरकार के नेतृत्व में यूपी बना मेडटेक हब, यमुना एक्सप्रेसवे पर 587 करोड़ रुपए का निवेश

India EU Trade Deal : 4 अरब यूरो की मिलेगी राहत, भारत-EU के बीच ऐतिहासिक व्यापारिक समझौता, किन वस्तुओं पर होगा फायदा

अगला लेख