बड़ी खबर! फिर मिल सकता है पुराने नोट जमा कराने का मौका...

सुप्रीम कोर्ट ने रिजर्व बैंक से पूछा, क्यों नहीं हो सकती नोट बदलने के लिए विंडो

Webdunia
मंगलवार, 4 जुलाई 2017 (11:33 IST)
नई दिल्ली। नोटबंदी के दौरान अपने पैसे निर्धारित अवधि में नहीं जमा कर पाने के मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार और RBI से पूछा कि जो लोग नोटबंदी के दौरान दिए वक्त में पुराने नोट जमा नहीं करा पाए उनके लिए कोई विंडो क्यों नहीं हो सकती?
 
अदालत ने कहा कि जो लोग सही कारणों के चलते रुपए बैंक में जमा नहीं करा पाए उनकी संपत्ति सरकार इस तरह नहीं छीन सकती। ऐसे लोगों को पुराने नोट जमा कराने का सही कारण मौजूद है, उन्हें मौका दिया जाना चाहिए।
 
मामले पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस खेहर ने कहा कि अगर कोई जेल में है तो वो कैसे रुपए जमा कराएगा। सरकार को चाहिए कि ऐसे लोगों के लिए कोई ना कोई विंडो जरूर देनी चाहिए। केंद्र सरकार ने इस पर विचार के लिए दो हफ्ते का वक्त मांगा।
 
उल्‍लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट एक महिला की याचिका पर सुनवाई कर रहा है जिसमें उसने कहा था कि वो नोटबंदी के वक़्त अस्पताल में थी और उसने बच्चे को जन्म दिया था। इस वजह से वह तय समय सीमा पर पुराने नोट जमा नही कर सकी।
 
इससे पहले 21 मार्च को कोर्ट ने कहा था कि जिन लोगों ने 30 दिसंबर तक पुराने नोट जमा नहीं कराए उनको एक विंडो देना चाहिए। 8 नवंबर से 30 दिसंबर तक ही पुराने नोट जमा कराने की सीमा थी।
Show comments

जरूर पढ़ें

केन्द्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए खुशखबरी, केन्द्र सरकार ने बढ़ाया डीए

नासिक कुंभ के नाम को लेकर अखाड़ों में मतभेद, जानिए कब शुरू होगा मेला

ATM से अतिरिक्त निकासी पर शुल्क बढ़ा, जानिए कब से लागू होंगे यह charges

यूक्रेन के साथ युद्ध रोकने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की पेशकश, NATO को दी चेतावनी

ईद पर मुंबई में विस्फोट और दंगों की चेतावनी, सुरक्षा बढ़ाई गई

सभी देखें

नवीनतम

जिंदगी पर भारी पड़ा रील का नशा, गिरने से 'यमराज' की मौत

कठुआ ऑपरेशन में कुल 9 की मौत, इनमें 5 आतंकवादी और 4 जवान

विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी, रूसी सशस्त्र बलों में सेवारत 18 में से 16 भारतीय लापता

चीख-पुकार, हिलती इमारतें, धुल का गुबार, हजारों के मरने की आशंका, भूकंप से तबाही की आंखों देखी

सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में 1.50 लाख अवमानना ​​मामले लंबित, सरकार ने संसद में दी जानकारी

अगला लेख