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आतंकी हमले का खतरा, अमरनाथ यात्रा 15 दिन पहले खत्म

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सुरेश डुग्गर

शुक्रवार, 2 अगस्त 2019 (18:01 IST)
जम्मू। अमरनाथ श्रद्धालुओं और कश्मीर आने वाले पर्यटकों को तत्काल कश्मीर खाली करने का सरकारी फरमान सुनाया गया है। इसके साथ ही अमरनाथ यात्रा 15 दिन पहले ही समाप्त कर दी गई है। इस फरमान के कारण वैष्णो देवी आने वाले श्रद्धालुओं में भी अफरातफरी का माहौल बना हुआ है।
 
राज्य गृह विभाग के प्रमुख सचिव शालीन काबरा द्वारा जारी एक निर्देश में सभी अमरनाथ श्रद्धालुओं और कश्मीर आने वाले पर्यटकों से जल्द से जल्द कश्मीर को छोड़कर जाने के लिए कहा गया है। इसके लिए उन्होंने सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है।
 
काबरा द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि सुरक्षा एजेंसियों की पुख्ता सूचनाओं के मुताबिक, आतंकी अमरनाथ श्रद्धालुओं तथा कश्मीर आने पर्यटकों को निशाना बना सकते हैं, इसलिए उन्हें निर्देश दिया जाता है कि वे जितनी जल्द हो सके कश्मीर की अपनी यात्रा को समाप्त कर अपने घरों को लौट जाएं।
 
जानकारी के मुताबिक, कश्मीर में इस समय तकरीबन 40 से 50 हजार अमरनाथ श्रद्धालु और पर्यटक हैं, जिनमें इस निर्देश के बाद अफरातफरी का माहौल पैदा होने के साथ ही दहशत भी फैल गई है। वे किसी तरह से अपने घरों को लौटना चाहते हैं।
 
जानकारी के मुताबिक, पिछले तीन दिनों से यात्रा को स्थगित रखने और कुछ लंगरों को बंद कर दिए जाने के पीछे का कारण भी यही आतंकी खतरा रहा है। और अब इस सरकारी फरमान के बाद अमरनाथ यात्रा को समाप्त माना जा रहा है। वैसे इसकी समाप्ति 15 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के दिन होनी थी।
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ताजा सरकारी फरमान के कारण न सिर्फ अमरनाथ श्रद्धालुओं और कश्मीर आए पर्यटकों में दहशत तथा अफरातफरी है बल्कि अफरातफरी तथा असमंजस का माहौल वैष्णो देवी आने वाले श्रद्धालुओं में भी है। हालांकि उनके प्रति कोई ऐसा सरकारी फरमान तो नहीं आया लेकिन उनमें से कई को वापस लौटने की मारामारी में उलझते हुए देखा गया है।
 
हथियारों का जखीरा बरामद : पाकिस्तान और उसकी सेना की ओर से शह प्राप्त आतंकवादियों द्वारा अमरनाथ यात्रा में बाधा डालने के प्रयासों को विफल करने का दावा करते हुए सेना ने शुक्रवार को कहा कि बालटाल और पहलगाम यात्रा मार्ग पर भारी मात्रा में पाकिस्तान निर्मित हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए हैं। 
 
सेना की 15वीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लन ने कहा कि पाकिस्तान और उसकी सेना ने कश्मीर घाटी की शांति में बाधा डालने का दुस्साहस किया है, लेकिन सुरक्षा बल सभी स्तरों पर ऐसी गतिविधियों को नाकाम करेंगे। 
 
उन्होंने कहा कि पिछले तीन-चार दिनों से हमें ऐसी सूचनाएं मिली हैं कि पाकिस्तान और उसकी सेना से शह प्राप्त आतंकवादी अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने के प्रयास में लगे हैं। खुफिया अधिकारियों ने भी इन सूचनाओं की पुष्टि की है, जिसके आधार पर पवित्र अमरनाथ यात्रा के दोनों मार्ग पर तलाश अभियान चलाया गया।
 
उन्होंने कहा कि सेना, पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग तथा अमरनाथ यात्रा के दोनों मार्गों पर संयुक्त तलाशी अभियान छेड़ा था।

उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान हमें बड़ी सफलता मिली। हमने कुछ शक्तिशाली विस्फोटक अब तक बरामद किया है, जिसे निष्क्रिय कर दिया गया। अमरनाथ यात्रा के दोनों मार्गों पर हथियारों और विस्फोटकों का जखीरा भी बरामद किया गया। ढिल्लन ने कहा कि अभियान के दौरान बारूदी सुरंग और स्निफर राइफल भी बरामद की गई है। 

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