Publish Date: Sat, 29 Feb 2020 (09:49 IST)
Updated Date: Sat, 29 Feb 2020 (09:54 IST)
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने राजद्रोह के 4 साल पुराने एक मामले में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और 9 अन्य लोगों पर मुकदमा चलाने के लिए दिल्ली पुलिस को मंजूरी दे दी।
बहरहाल इस मामले पर भी सियासत गरमा गई। भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि जनता के दबाव के कारण दिल्ली सरकार को कन्हैया कुमार और 9 अन्य के खिलाफ जेएनयू राजद्रोह के मामले में मुकदमा चलाने की मंजूरी देनी पड़ी।
पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसे 3 साल लटकाए रखा, लेकिन जनता के सामने आखिरकार उन्हें झुकना पड़ा।
उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि जनता के दबाव में आखिरकार दिल्ली सरकार को जेएनयू मामले में मुकदमा चलाने की अनुमति देने के लिए मजबूर होना पड़ा। 3 साल तक अरविंद केजरीवाल इसे टालते रहे लेकिन उन्हें जनता के सामने झुकना पड़ा।
इस पर आप विधायक और प्रवक्ता राघव चड्ढा ने कहा कि दिल्ली सरकार के विधि विभाग ने उचित विचार-विमर्श के बाद गृह विभाग को इस मामले में अपनी राय दी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने 20 फरवरी को मंजूरी प्रदान की।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने इसका स्वागत किया लेकिन कहा कि केजरीवाल सरकार ने मौजूदा राजनीतिक हालात के मद्देनजर शायद यह मंजूरी दी है। भाजपा लगातार आरोप लगाती आ रही है कि आम आदमी पार्टी सरकार कन्हैया कुमार और अन्य पर अभियोजन की स्वीकृति नहीं देकर मामले में कार्यवाही को अवरुद्ध कर रही है।
क्या बोला कन्हैया : इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कन्हैया कुमार ने ट्वीट किया कि राजद्रोह के मामले में फास्ट-ट्रैक अदालत और त्वरित कार्रवाई जरूरी है ताकि देश को पता चले कि इस पूरे मामले में राजनीतिक फायदों के लिए राजद्रोह कानून का किस तरह दुरुपयोग किया गया।