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बिहार में वोटर अधिकार यात्रा फिर शुरू, तेजस्वी यादव ने राहुल गांधी को कहा बड़े भैया

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वेबदुनिया न्यूज डेस्क

शेखपुरा , गुरुवार, 21 अगस्त 2025 (14:22 IST)
Voter Adhikar Yatra in Bihar: बिहार में विपक्ष की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ बृहस्पतिवार को एक दिन के अंतराल के बाद फिर से शुरू हो गई। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार सरकार पर ‘दूरदर्शिता के अभाव’ और ‘केवल उनके विचारों की नकल करने’ का आरोप लगाया। यादव ने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपराह्न तक दिल्ली से वापस आएंगे और यात्रा में शामिल होंगे।
 
बड़े भैया राहुल गांधी : शेखपुरा जिले में यात्रा के फिर से शुरू होने पर यादव के साथ भाकपा-मार्क्सवादी-लेनिनवादी (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, कांग्रेस की बिहार इकाई के अध्यक्ष राजेश कुमार और विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी सहित अन्य लोग शामिल हुए। यादव ने कहा कि हम बड़े भाई राहुल गांधी के आभारी हैं कि उन्होंने इस यात्रा के लिए इतना समय दिया। उपराष्ट्रपति चुनाव से संबंधित उनके कुछ जरूरी काम हैं। वह दोपहर बाद हमारे साथ शामिल होंगे।
 
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को सासाराम में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद जैसे नेताओं की मौजूदगी में इस यात्रा को हरी झंडी दिखाई थी। यादव ने राज्य की नीतीश कुमार सरकार पर ‘दूरदर्शिता के अभाव’ और ‘केवल उनके विचारों की नकल करने’ का आरोप लगाया।
 
राजद थकी हुई सरकार : राजद नेता ने कहा कि उन्होंने (तेजस्वी ने) जो भी वादे किए थे, चाहे वह मूल निवास का मामला हो, प्रतियोगी परीक्षाओं के फॉर्म पर शुल्क माफी हो या युवा आयोग का गठन, वह (नीतीश कुमार सरकार) उन्हें अपनी पहल के रूप में पेश कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य की थकी हुई राजग सरकार आगामी विधानसभा चुनावों में उखाड़ फेंकी जाएगी। बिहार को एक असली मुख्यमंत्री चाहिए, न कि नकली। हम सरकार बनाएंगे और हमारे पास राज्य के लिए एक ‘विजन’ है।
 
तेजस्वी ने यह भी दावा किया कि राजद पहली पार्टी थी जिसने अधिवास नीति लागू करने की मांग की, मुफ्त बिजली, विधवाओं, बुजुर्गों व दिव्यांगों के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन और बिहार के समग्र विकास के लिए कई विचारों का वादा किया। यादव ने कहा कि अगर हमारी सरकार बनती है तो हम युवाओं को रोजगार देंगे, राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे और बिहार से पलायन रोकने के उपाय करेंगे।
 
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) के मुख्यमंत्री पद के संभावित उम्मीदवार माने जा रहे यादव ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर लोगों के वोट ‘चुराए’ जा रहे हैं और उन्होंने भीड़ से ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगवाए। उन्होंने दावा किया कि बिहार में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) लोगों के मताधिकार को छीनने की एक कवायद है। यह राज्य में मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने की सत्तारूढ़ सरकार की साजिश है।
एसआईआर का मकसद लोकतंत्र को खत्म करना : दूसरी ओर, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक खबर का हवाला देते हुए निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा। रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के ठीक बाद बिहार के सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में निर्वाचन आयोग द्वारा किए गए 2024 ‘केएपी’ (ज्ञान, दृष्टिकोण और अभ्यास) सर्वेक्षण में कहा गया है कि मतदाता सूचियां पहले से ही 'लगभग पूर्ण सटीक' हैं।
 
उन्होंने कहा कि कागजी कार्रवाई और जागरूकता की कमी के कारण कई पात्र नागरिक अब भी नामांकन से वंचित हैं। निर्वाचन आयोग का ध्यान समावेशन पर होना चाहिए, न कि बहिष्करण पर, क्योंकि कई उत्तरदाताओं ने अपने मतदाता पहचान पत्र प्राप्त करने में आने वाली जटिलताओं का हवाला दिया था। उन्होंने कहा कि स्पष्ट रूप से निर्वाचन आयोग ने जनवरी 2025 तक बिहार की मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की कोई अनिवार्य आवश्यकता नहीं समझी थी।
 
कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि तब से क्या बदला है? क्या यह बिहार में धांधली वाले चुनाव के वादे के जरिए अपने पद को सुरक्षित रखने और अपने जर्जर राजग गठबंधन को बचाने के लिए बेताब प्रधानमंत्री की दलील थी? रमेश ने आरोप लगाया कि इस एसआईआर का मकसद मतदाता सूचियों को शुद्ध करना कम, बल्कि लोकतंत्र को ही नष्ट करना ज्यादा है। (एजेंसी/वेबदुनिया)
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

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