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भारत पर परमाणु बम गिराओ, ट्रंप को मार डालो, अमेरिका के कैथोलिक स्कूल में गोलीबारी करने वाले हमलावर के हथियार पर लिखे थे खतरनाक संदेश

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हमें फॉलो करें Attack on Catholic school in Minneapolis

वेबदुनिया न्यूज डेस्क

न्यूयॉर्क/वॉशिंगटन , गुरुवार, 28 अगस्त 2025 (14:04 IST)
Attack on Catholic school in Minneapolis: मिनियापोलिस के एक कैथोलिक स्कूल में गोलीबारी कर दो बच्चों की हत्या करने वाले हमलावर की एक बंदूक पर ‘न्यूक इंडिया’ और 'ट्रंप को मार डालो' लिखा था। हमलावर द्वारा इस्तेमाल किए गए हथियारों के वीडियो फुटेज से यह बात सामने आई। ऑनलाइन वीडियो फुटेज में वेस्टमैन अपने पास मौजूद कारतूस, राइफल और बंदूकों को प्रदर्शित करता दिखता है। इनमें से एक बंदूक पर सफेद रंग से ‘न्यूक इंडिया’ लिखा हुआ है।
 
पत्रकार लॉरा लूमर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि मिनेसोटा के हमलावर ने अपनी बंदूक पर ‘माशाअल्लाह’ और ‘न्यूक इंडिया’ लिखा हुआ था। उसने इजराइल विरोधी नारा ‘इजराइल मस्ट फॉल’ भी लिखा था। माना जाता है कि भारत के खिलाफ आक्रामक नारेबाजी और परमाणु हथियार हमले की धमकी के संदर्भ में अकसर कुछ कट्टरपंथी लोग या समूह ‘न्यूक इंडिया’ शब्द का इस्तेमाल करते हैं। 
 
और क्या कहा लूमर ने : लूमर ने कहा कि हमलावर स्पष्ट रूप से भारत-विरोधी और यहूदी-विरोधी इस्लामी प्रचार से प्रभावित था। इलहान उमर के जिले में रहने वाले इस तरह के व्यक्ति को कैथोलिकों की हत्या करते देखना कोई आश्चर्य की बात नहीं है। यह ‘रेड-ग्रीन’ (वामपंथी प्रगतिशील समूह और इस्लाम समर्थक समूहों के) गठजोड़ का एक और उदाहरण है।
 
इलहान उमर डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता हैं जो 2019 से मिनेसोटा से अमेरिकी प्रतिनिधि हैं। एक फोटो में लिखा हुआ था- Kill Trump Now!. हमलावर की बंदूक की मैगजीन पर कई तरह के संदेश लिखे हुए थे। जैसे- तुम्हारा भगवान कहां है? एक फीनिक्स की तरह तरह हम राख से उठेंगे आदि। कैथोलिक स्कूल में गोलीबारी करने वाले व्यक्ति का नाम रॉबिन वेस्टमैन था। वह एक जैविक पुरुष था, लेकिन वह खुद को एक ट्रांसजेंडर 'महिला' बताता था।  माना जा रहा है कि वह कट्‍टरपंथी इस्लामी विचारधारा से प्रभावित था। 
 
स्कूल में प्रार्थना के दौरान हुई थी गोलीबारी : उल्लेखनीय है कि अमेरिका में मिनियापोलिस के एक कैथोलिक स्कूल में बुधवार सुबह प्रार्थना सभा के दौरान एक हमलावर ने गोलीबारी की, जिसमें दो बच्चों की मौत हो गई और 17 अन्य लोग घायल हो गए। बाद में हमलावर ने खुद को भी गोली मार ली। बच्चों की उम्र छह से 15 साल के बीच है। तीन घायलों की उम्र 80 वर्ष के आसपास है और वह गिरजाघर के सदस्य हैं। 
 
इस घटना के बाद व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘हिंसा के मूर्खतापूर्ण कृत्यों का शिकार बने लोगों के सम्मान में’ रविवार तक सभी सरकारी इमारतों के झंडे आधे झुकाने का आदेश दिया है। हमलावर की पहचान 23 वर्षीय रॉबिन वेस्टमैन के रूप में हुई है, जिसने घटना में इस्तेमाल हथियार कानूनी रूप से खरीदे थे और वह अकेले ही वारदात में शामिल था। एफबीआई ने इस हमले को कैथोलिक समुदाय को निशाना बनाने वाली घरेलू आतंकवाद और नफरत की घटना करार दिया। (एजेंसी/वेबदुनिया)
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 
 

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