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देहरादून में बारिश ने तोड़ा 74 साल का रिकॉर्ड, यूपी के 17 जिलों में रेड अलर्ट, देश में क्या है मानसून का हाल?

देश में इस साल मानसून के मौसम में अब तक सामान्य वर्षा दर्ज की गई है, लेकिन राज्यों में बारिश का वितरण बेहद असामान्य रहा है।

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weather update
Weather Update : भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, देश में इस साल मानसून के मौसम में अब तक सामान्य वर्षा दर्ज की गई है, लेकिन राज्यों में बारिश का वितरण बेहद असामान्य रहा है। आईएमडी के मुताबिक, देश में एक जून से 10 अगस्त के बीच 539 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो लंबी अवधि की सामान्य औसत वर्षा (535.6 मिलीमीटर) से एक फीसदी अधिक है। राजधानी देहरादून में सोमवार को बारिश ने 74 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। जानिए देश में क्या है मानसून का हाल?
 
कहां कितना बरसा पानी : आईएमडी के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश (652.1 मिलीमीटर; सामान्य से लगभग 40 फीसदी कम), असम (603.8 मिलीमीटर; सामान्य से 37 फीसदी कम), मेघालय (978.7 मिलीमीटर; सामान्य से 45 फीसदी कम), सिक्किम (837.4 मिलीमीटर; सामान्य से 20 फीसदी कम) और बिहार (438.3 मिलीमीटर; सामान्य से 25 फीसदी कम) में मौसमी बारिश में कमी दर्ज की गई है।

झारखंड (853.7 मिलीमीटर; समान्य से 41 फीसदी अधिक), दिल्ली (433.5 मिलीमीटर; समान्य से 37 फीसदी अधिक), राजस्थान (430.6 मिलीमीटर; समान्य से 58 फीसदी अधिक), मध्यप्रदेश (745.3 मिलीमीटर; समान्य से 30 फीसदी अधिक) और पुदुचेरी (258.2 मिलीमीटर; समान्य से 32 फीसदी अधिक)“अधिक” वर्षा वाले राज्यों एवं केंद्र-शासित प्रदेशों में शामिल हैं।
 
यूपी में फिर मानसून मेहरबान :  उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मानसून मेहरबान है। मौसम विभाग ने आज 17 जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में अभी बाढ़ का असर बना है। मौसम विभाग के मुताबिेक बंगाल की खाड़ी में बने नए वेदर सिस्टम के असर से उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में अगले 3-4 दिन मध्यम से भारी बारिश के संकेत हैं। सोमवार को तराई के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत आदि में कहीं मध्यम तो कहीं जोरदार बारिश देखने को मिली। सहारनपुर में सर्वाधिक 140 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं गोरखपुर में 75.2 मिमी और बलिया में 73.3 मिमी बारिश हुई।
 
उत्तराखंड में भारी बारिश : उत्तराखंड में कुदरत का रौद्र रूप जारी है। लगातार भारी बारिश से पहाड़ से मैदान तक बुरा हाल है। राजधानी देहरादून में सोमवार को बारिश ने 74 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। पिछले 24 घंटे में देहरादून में 200 मिमी बारिश हुई है। 1951 के बाद दून घाटी ने पहली बार ऐसी मूसलाधार बारिश देखी है। देहरादून में नदी-नाले उफान पर हैं। रिस्पना और बिंदाल नदियां उफान पर है। पानी सड़क तक आ गया है। मालदेवता में भी बुरा हाल है। 7 जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। 
 
केदार नाथ यात्रा 14 अगस्त तक रद्द : रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि देहरादून में मौसम विज्ञान केंद्र ने 12, 13 और 14 अगस्त को रुद्रप्रयाग सहित प्रदेश भर में कई जगहों पर भारी वर्षा का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत केदारनाथ धाम की यात्रा को एहतियातन अगले 3 दिनों के लिए अस्थायी रूप से रोका गया है।
 
पुंछ में नेशनल हाईवे बंद : जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में बारिश का दौर जारी है। जम्मू कश्मीर के पुंछ में भूस्खलन की वजह नेशनल हाईवे बंद हो गया है। मलबा साफ कर रास्ते को खोलने का प्रयास किया जा रहा है। राजौरी शहर के कई हिस्सों में बारिश के बाद जलभराव की स्थिति देखने को मिली।
 
दिल्ली में तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार : दिल्ली में मंगलवार सुबह बादल छाए रहे और न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिन में राष्ट्रीय राजधानी में तेज हवाओं और गरज के साथ बारिश का अनुमान जताया है। IMD के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटों में सफदरजंग स्थित राष्ट्रीय राजधानी के प्राथमिक मौसम केंद्र ने 18.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की, जबकि पालम में 16.7 मिलीमीटर, लोधी रोड में 19.8 मिलीमीटर और रिज में 32.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
 
आईएमडी ने अनुमान जताया है कि मानसून का दूसरा भाग (अगस्त-सितंबर) सामान्य से अधिक वर्षा वाला हो सकता है। हालांकि, पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में कम बारिश होने की आशंका है। भारत में मानसून कृषि के लिए अहम है, जो 42 प्रतिशत आबादी की आजीविका का आधार और जीडीपी में 18.2 प्रतिशत का योगदान देता है। यह पेयजल और बिजली उत्पादन के लिए जलाशयों को भरने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
edited by : Nrapendra Gupta 

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