Publish Date: Sat, 02 Jan 2021 (07:35 IST)
Updated Date: Sat, 02 Jan 2021 (07:38 IST)
नई दिल्ली। उत्तर भारत के अधिकतर हिस्से में शीतलहर चलने से कंपकंपाने वाली ठंड पड़ रही है और नए साल के पहले दिन शुक्रवार को कई जगहों पर घना कोहरा छाया रहा।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि 6 जनवरी तक पूर्वी राजस्थान, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में हल्की बारिश भी हो सकती है।
आईएमडी के मुताबिक उत्तर भारत में शनिवार तक शीतलहर का प्रकोप बना रहेगा। 2 जनवरी के बाद से राहत मिलने की संभावना है, लेकिन 7 जनवरी से फिर से उत्तर भारत तेज शीत लहर की चपेट में आएगा।
अफगानिस्तान और इसके आसपास पश्चिमी विक्षोभ के कारण चक्रवाती प्रवाह बना है। अगले 48 घंटे के दौरान इसके मध्य पाकिस्तान की ओर बढ़ने की संभावना है।
पश्चिमी विक्षोभ के परिणामस्वरूप हवा का कम दबाव दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में बना हुआ है। मौसम विभाग ने कहा कि इन प्रभावों के कारण 4-6 जनवरी के दौरान पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में बारिश या बर्फबारी का अनुमान है। जम्मू कश्मीर में भारी बारिश या बर्फबारी हो सकती है।
इस अवधि में हिमालय के पश्चिमी क्षेत्र में कुछ जगहों पर ओले पड़ने की भी आशंका है। दिल्ली के सफदरजंग वेधशाला में न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि पिछले 15 साल में सबसे कम तापमान है। इससे पहले 8 जनवरी 2006 को शहर में न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। अब तक का सबसे कम तापमान जनवरी 1935 में 0.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार पिछले साल जनवरी में न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस रहा था। कश्मीर में भी हाड़ कंपाने वाली शीत लहर जारी रही और नए साल पर घाटी में कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु से नीचे चला गया।
अधिकारियों ने बताया कि घाटी में तापमान में गिरावट के बाद कई जलाशयों सहित जल आपूर्ति के पाइपों में पानी जम गया। मध्यप्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में मामूली वृद्धि से नये साल के पहले दिन लोगों को कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिली।
मध्यप्रदेश का अधिकांश भाग पिछले कुछ दिनों से कड़ाके की ठंड की चपेट में था। राज्य में सबसे कम तापमान ग्वालियर में 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि दतिया में न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) भोपाल के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक जी डी मिश्रा ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के परिणामस्वरूप हवा का कम दबाव दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में बना हुआ है। इससे तीन जनवरी तक उज्जैन, ग्वालियर एवं चंबल संभागों में बारिश हो सकती है।