Publish Date: Thu, 16 Sep 2021 (17:10 IST)
Updated Date: Thu, 16 Sep 2021 (17:13 IST)
नई दिल्ली। देश में इस वर्ष मानसून लंबे समय तक जारी रह सकता हैं, क्योंकि सितंबर के अंत तक उत्तर भारत में बारिश में कमी आने के संकेत नहीं दिख रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दक्षिण पश्चिम मानसून उत्तर पश्चिम भारत से तभी वापस होता है, जब लगातार पांच दिनों तक इलाके में बारिश नहीं होती है। निचले क्षोभ मंडल में चक्रवात रोधी वायु का निर्माण होता है और आर्द्रता में भी काफी कमी होना आवश्यक है।
आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा, अगले दस दिनों तक उत्तर भारत से मानसून की वापसी के संकेत नहीं दिख रहे हैं। आईएमडी ने पिछले वर्ष भी उत्तर पश्चिम भारत से मानसून की वापसी की तारीख संशोधित की थी। पिछले कुछ वर्षों से मानसून की वापसी में विलंब होने के रुख को देखते हुए यह किया गया था।
दक्षिण पश्चिम मानसून पहले राजस्थान से वापस होना शुरू होता है। संशोधित तिथि के अनुसार, यह 17 सितंबर से जैसलमेर से वापस होना शुरू होता है। दक्षिण पश्चिम मानसून ने 2017, 2018, 2019 और 2020 में विलंब से वापसी शुरू की।
मानसून के विलंब से वापस जाने का मतलब होता है कि ठंड भी देर से पड़ती है। आधिकारिक रूप से दक्षिण पश्चिम मानसून एक जून से शुरू होता है और 30 सितंबर तक रहता है।
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Publish Date: Thu, 16 Sep 2021 (17:10 IST)
Updated Date: Thu, 16 Sep 2021 (17:13 IST)