suvichar

मधुमेह नियंत्रण का देसी और अचूक नुस्खा

डॉ. दीपक आचार्य
मधुमेह नियंत्रण के लिए  पारंपरिक तौर पर इस्तेमाल होने वाले इन दो नुस्खों को वैज्ञानिक तौर पर अति कारगर साबित किया जा चुका है, आज हम जिक्र करेंगे दो ऐसे नुस्खों को जिन्हें पारंपरिक हर्बल जानकार बतौर कारगर उपाय मधुमेह के रोगियों को देते हैं। मधुमे ह का   जो   इला ज च ल रहा  है  उसे  बं द करने   की  जरूर त नहीं  है

मधुमेह पर नियंत्रण के लिए सदियों से पारंपरिक तौर पर स्थानीय आदिवासी इन नुस्खों का इस्तेमाल कर रहे हैं। चिकित्सा विज्ञान भी इनके असर को स्वीकार कर चुका है। पहले से चले आ रहे इलाज को बंद न करें, उन औषधियों के साथ इन नुस्खों को भी आजमाएं। फायदा जरूर होगा।


1. एक चम्मच अलसी के बीजों को अच्छी तरह से चबाकर खाइए और दो गिलास पानी पीजिए। ऐसा प्रतिदिन सुबह खाली पेट और रात को सोने से पहले करना है।

2. दालचीनी की छाल का चूर्ण तैयार कर लीजिए और आधा चम्मच चूर्ण एक कप पानी में मिला लीजिए और इस मिश्रण को दोपहर और रात खाना खाने से पहले प्रतिदिन लीजिए।


इन दोनों नुस्खों की शुरुआत करने से पहले अपने इंसुलिन लेवल की जांच अवश्य करें ताकि एक पन्द्रह दिनों बाद जब पुन: जांच की जाए तो फर्क दिखाई दें ।

पादप विज्ञान जगत के अनेक शोध पत्रों में इन फार्मुलों से गजब के परिणामों का दावा किया गया है, आदिवासी हर्बल जानकार तो इन फार्मुलों को सैकड़ों सालों से लोगों पर आजमा रहे हैं ।
Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

नमक, थोड़ा ही सही पर हर जगह जरूरी

होली पर लघुकथा: स्मृति के रंग

Holi Essay: होलाष्टक, होलिका दहन और धुलेंड़ी पर हिन्दी में रोचक निबंध

चेहरा पड़ गया है काला और बेजान? सर्दियों में त्वचा को मखमल जैसा कोमल बनाएंगे ये 6 जादुई टिप्स

महंगे सप्लीमेंट्स छोड़ें! किचन में छिपे हैं ये 5 'सुपरफूड्स', जो शरीर को बनाएंगे लोहे जैसा मजबूत

सभी देखें

नवीनतम

Holi Thandai: ऐसे बनाएं होली पर भांग की ठंडाई, त्योहार का आनंद हो जाएगा दोगुना

National Science Day: राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?

Holi Essay: होलाष्टक, होलिका दहन और धुलेंड़ी पर हिन्दी में रोचक निबंध

शक्ति के बिना अधूरे हैं शक्तिमान: नारी शक्ति के 8 स्वर्णिम प्रमाण

PM मोदी के इजरायल दौरे में भारत की रक्षा नीति में बड़े बदलाव के संकेत , भारत को हथियार नहीं, तकनीक चाहिए