Publish Date: Mon, 24 Mar 2025 (12:51 IST)
Updated Date: Mon, 24 Mar 2025 (13:06 IST)
Chaitra Navratri 2025: चैत्र नवरात्रि साधना और तंत्र साधना का समय होता है। 30 मार्च 2025 से चैत्र नवरात्रि प्रारंभ होने वाली है। इन नौ दिनों में दुर्गा सप्तशती यानी चंडी पाठ करने से बहुत लाभ मिलता है परंतु इस पाठ को करने में बहुत सावधानी रखना होती है। यदि आप यह पाठ कर रहे हैं तो पहले आपका उद्येश्य स्पष्ट कर लें इसके बाद ही इस पाठ को विधिवत रूप से करें। उल्लेखनीय है कि यह पाठ मूल रूप से युद्ध में विजयी होने के लिए करते हैं।
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मान्यता: कहते हैं कि आप जिस इच्छा की पूर्ति के लिए चण्डीपाठ करते हैं, वह इच्छा नवरात्रि के दौरान या अधिकतम दशमी तक पूर्ण हो जाती है लेकिन यदि आप लापरवाही व गलती करते हैं, तो इसी दौरान आपके साथ अकल्पनीय घटनाएं अथवा दुर्घटनाएं भी घटित होती हैं। इसलिए रखें 5 सावधानियां।
1. शुद्ध उच्चारण : यह सभी जानते हैं कि हनुमानजी ने 'ह' की जगह 'क' करवा दिया था जिससे रावण की यज्ञ की दिशा ही बदल गई थी। उसी तरह हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि दुर्गा सप्तशती या चण्डी पाठ में उच्चारण की शुद्धता कितनी जरूरी है।
3. पवित्रता का रखें ध्यान : चण्डी पाठ या दुर्गा शप्तशती के दौरान रजस्वला स्त्रियों को उक्त पूजा स्थान या मंदिर से दूर ही रहना चाहिए, अन्यथा चण्डीपाठ करने वाले व्यक्ति को बहुत ही तीव्र दुष्परिणाम भोगने पड़ते हैं।
4. ब्रह्मचर्य का करें पालन : चण्डी पाठ के दौरान पूर्ण ब्रम्हचर्य का पालन करना चाहिए और वाचिक, मानसिक व शारीरिक रूप से पूरी तरह से स्वच्छता का पालन करना चाहिए।