मां कूष्मांडा हैं नवरात्रि की चौथी शक्ति, जानिए कैसे होती है मां की पूजा, पढ़ें मंत्र और स्तोत्र

Webdunia
नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा (Devi Kushmanda) की पूजा-आराधना की जाती है। नवरात्रि में इस दिन भी रोज की भांति सबसे पहले कलश की पूजा कर माता कूष्मांडा को नमन करें। यह देवी योग-ध्यान की देवी भी हैं। देवी का यह स्वरूप अन्नपूर्णा का भी है। उदराग्नि को शांत करती हैं। इसलिए, देवी का मानसिक जाप करें। देवी कवच को 5 बार पढ़ना चाहिए...Durga Puja 2022 
 
पूजन विधि-Devi Kushmanda Puja Vidhi 
 
इस दिन पूजा में बैठने के लिए हरे रंग के आसन का प्रयोग करना बेहतर होता है।
 
देवी को लाल वस्त्र, लाल पुष्प, लाल चूड़ी भी अर्पित करना चाहिए।
 
मां कूष्मांडा को इस निवेदन के साथ जल पुष्प अर्पित करें कि, उनके आशीर्वाद से आपका और आपके स्वजनों का स्वास्थ्य अच्छा रहे। 
 
अगर आपके घर में कोई लंबे समय से बीमार है तो इस दिन मां से खास निवेदन कर उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करनी चाहिए।
 
देवी को पूरे मन से फूल, धूप, गंध, भोग चढ़ाएं।
 
मां कूष्मांडा को विविध प्रकार के फलों का भोग अपनी क्षमतानुसार लगाएं।
 
पूजा के बाद अपने से बड़ों को प्रणाम कर प्रसाद वितरित करें। 
 
पढ़ें मंत्र-Devi Kushmanda Mantra 
 
श्लोक
सुरासंपूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे ॥
 
सरलतम मंत्र यह है-
 
'ॐ कूष्माण्डायै नम:।।'
 
मां कूष्मांडा की उपासना का मंत्र-
 
देवी कूष्मांडा की उपासना इस मंत्र के उच्चारण से की जाती है- कुष्मांडा: ऐं ह्री देव्यै नम:
 
वन्दे वांछित कामार्थे चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
सिंहरूढ़ा अष्टभुजा कूष्माण्डा यशस्विनीम्॥
 
 
मंत्र: या देवि सर्वभूतेषू सृष्टि रूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: 
 
अर्थ : हे मां! सर्वत्र विराजमान और कूष्माण्डा के रूप में प्रसिद्ध अम्बे, आपको मेरा बार-बार प्रणाम है। या मैं आपको बारंबार प्रणाम करता हूं। हे मां, मुझे सब पापों से मुक्ति प्रदान करें।

Day 4th Devi kushmanda
 


ALSO READ: दुर्गा अष्टमी पर करें ये 8 कार्य, माता होंगी प्रसन्न

ALSO READ: Lalita Panchami Vrat के दिन क्या करें, ललिता देवी के 5 रहस्य
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

बुध ग्रह का मीन राशि में गोचर, 4 राशियों को होगा नुकसान

होलिका दहन की रात को करें ये 5 अचूक उपाय, पूरा वर्ष रहेगा सुखमय

Meen sankranti 2025: सूर्य मीन संक्रांति कब होगी, क्या है इसका महत्व?

Holi 2025: होली का डांडा गाड़ने, सजाने और जलाने की सही विधि जानिए

चैत्र नवरात्रि कैसे है शारदीय नवरात्रि से अलग, जानिए 7 अंतर

सभी देखें

धर्म संसार

होली स्पेशल : भारत के इस राज्य में मनाया जाता है होला मोहल्ला, जानिए 2025 में कब और कैसे मनेगा ये अनोखा त्योहार

Aaj Ka Rashifal: कैसा गुजरेगा 4 मार्च का दिन, जानें 12 राशियों का ताजा हाल (पढ़ें अपना राशिफल)

होली पर 8 दीपक जलाकर जीवन को महका और चमका देंगे, धन की समस्या होगी समाप्त

04 मार्च 2025 : आपका जन्मदिन

04 मार्च 2025, मंगलवार के शुभ मुहूर्त

अगला लेख