Publish Date: Thu, 30 Jun 2022 (17:02 IST)
Updated Date: Thu, 30 Jun 2022 (17:05 IST)
Aashadh gupt navratri 2022: 30 जून 2022, गुरुवार से आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि प्रारंभ हो गई है जो 8 जुलाई तक रहेगी। इस नवरात्रि में 10 महाविद्याओं की साधना या आराधना की जाती है और आओ जानते हैं देवियों के नाम और मंत्र। गुप्त नावरात्रि में इन मंत्रों में से किसी एक देवी के मंत्र का जप करने से उक्त देवी प्रसन्न होगी।
1. काली : ऊँ क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं दक्षिण कालिके क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं स्वाहा:।
2. तारा : ऐं ऊँ ह्रीं क्रीं हूं फट्।
3. त्रिपुर सुंदरी : श्री ह्रीं क्लीं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क्रीं कए इल ह्रीं सकल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं नम:।
4. भुवनेश्वरी : ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं सौ: भुवनेश्वर्ये नम: या ह्रीं।
5. छिन्नमस्ता : श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्रवैरोचनीयै हूं हूं फट् स्वाहा:।
6. त्रिपुरभैरवी : ह स: हसकरी हसे।'
7. धूमावती : धूं धूं धूमावती ठ: ठ:।
8. बगलामुखी : ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय, जिव्हा कीलय, बुद्धिं विनाश्य ह्लीं ॐ स्वाहा:।
9. मातंगी : श्री ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा:।
10. कमला : ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:।