Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
  • तिथि- वैशाख कृष्ण एकम
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:57 से 12:44 तक
  • त्योहार/व्रत/मुहूर्त- गुड फ्राइडे, कच्छापवतार
  • राहुकाल: सुबह 11:00 से दोपहर 12:35 तक
webdunia

दुर्गाष्‍टमी 2021 : शारदीय महाष्टमी पर करें संधि पूजा, होगा बहुत ही शुभ

Advertiesment
Mahashtami
नवरात्रि की अष्टमी को महाष्टमी या दुर्गाष्टमी कहते हैं जो कि बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। इस दिन माता के 8वें रूप महागौरी की पूजा और आराधना की जाती है। महाष्टमी पर जहां शुभ मुहूर्त में माता की पूजा और हवन होता है वहीं इस दिन संधि पूजा का भी बहुत महत्व होता है। यह पूजा करना बहुत ही शुभ है।
 
 
1. संधि पूजा : महाअष्टमी पर संधि पूजा होती है। यह पूजा अष्टमी और नवमी दोनों दिन चलती है। संधि पूजा में अष्टमी समाप्त होने के अंतिम 24 मिनट और नवमी प्रारंभ होने के शुरुआती 24 मिनट के समय को संधि काल कहते हैं। 
 
2. हवन : संधि काल का समय दुर्गा पूजा और हवन के लिए सबसे शुभ माना जाता है। क्योंकि यह वह समय होता है जब अष्टमी तिथि समाप्त होती है और नवमी तिथि का आरंभ होता है। मान्यता है कि इस समय में देवी दुर्गा ने प्रकट होकर असुर चंड और मुंड का वध किया था।
 
3. बलि : संधि पूजा के समय केला, ककड़ी, कद्दू और अन्य फल सब्जी की बलि दी जाती है। 
 
4. वंदना : संधि काल में 108 दीपक जलाकर माता की वंदना और आराधना की जाती है। 
 
5. आशीर्वाद : भगवती महागौरी की आराधना सभी मनोवांछित कामना को पूर्ण करने वाली और भक्तों को अभय, रूप व सौंदर्य प्रदान करने वाली है अर्थात शरीर में उत्पन्न नाना प्रकार के विष व्याधियों का अंत कर जीवन को सुख-समृद्धि व आरोग्यता से पूर्ण करती हैं।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

मां कात्यायनी की भगवान राम और श्रीकृष्ण ने भी की थी पूजा




Hanuman Chalisa In Hindi
Hanuman Chalisa In Hindi