Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia

आज के शुभ मुहूर्त

(शनि जयंती)
  • तिथि- शुद्ध ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या
  • अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:51 एएम से दोपहर 12:45 पीएम
  • त्योहार/व्रत/मुहूर्त-शनि जयंती, वट सावित्री अमावस्या
  • राहुकाल (अशुभ)- सुबह 08:55 एएम से 10:36 एएम
webdunia

चैत्र नवरात्रि महाष्टमी: दुर्गा अष्टमी पर संधि पूजा करना क्यों है जरूरी?

Advertiesment
astami sandhi puja
Maha Ashtami Vrat 2026 Shubh Muhurat: शारदीय नवरात्रि का आठवां दिन यानी महाष्टमी सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक है। इस दिन मां दुर्गा के शांत और पवित्र स्वरूप मां महागौरी की आराधना की जाती है। इस वर्ष, 26 मार्च 2026 को दुर्गा अष्टमी मनाई जाएगी। इस पावन तिथि पर कन्या पूजन और संधि पूजा का विधान है। अगर आप भी दुर्गा अष्टमी की सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और सम्पूर्ण विधि जानना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए है। जानिए कैसे करें महागौरी को प्रसन्न और पाएं उनका अखंड आशीर्वाद।
 

दुर्गा अष्टमी 2026 की तिथि:

वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि के अंतर्गत आ रही दुर्गा अष्टमी का पर्व 26 मार्च को गुरुवार को मनाया जाएगा, क्योंकि अष्टमी तिथि 25 मार्च को दोपहर 01 बजकर 50 मिनट पर शुरू होकर 26 मार्च को सुबह 11 बजकर 48 मिनट पर समाप्त होती है। उदयातिथि के अनुसार 26 मार्च को ही अष्टमी मानी जाएगी। महाअष्टमी का व्रत और पूजन इसी दिन करना शुभ माना जाएगा। अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन करना बहुत शुभ माना जाता है। आप 26 मार्च को कन्या पूजन कर सकते हैं।
 

महाअष्टमी का दिन: 26 मार्च 2026, गुरुवार

अष्टमी तिथि प्रारंभ: 25 मार्च, दोपहर 1:50 बजे से।
अष्टमी तिथि समाप्त: 26 मार्च, सुबह 11:48 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:02 से 12:51 तक।
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:35 से 06:58 तक।
संधि पूजा का समय: दिन में 11:24 से 12:12 के बीच।
 

दुर्गा अष्टमी पर संधि पूजा करना क्यों है जरूरी?

संधि पूजा का महत्व: संधि पूजा से अष्टमी और नवमी दोनों की ही पूजा के साथ दोनों ही देवियों की पूजा भी हो जाती है। इसलिए संधिपूजा करना जरूरी माना गया है। कहते हैं कि इसी समय में माता ने महिषासुर का वध किया था।
 
संधि पूजा का मुहूर्त: अष्टमी तिथि समाप्त होने के अंतिम 24 मिनट और नवमी तिथि शुरू होने के शुरुआती 24 मिनट के समय को संधि काल कहा जाता है, जो अत्यंत शुभ होता है। 26 मार्च को सुबह 11:48 से पहले संधि पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा। महाअष्टमी के दिन करें ये खास उपाय, करियर में तरक्की, सुख और समृद्धि के खुलेंगे द्वार।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

नवरात्रि हवन: घर पर करने की बेहद सरल विधि