rashifal-2026

भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी आज :जरूरी हैं चंद्रदर्शन,कैसे दें चंद्रमा को अर्घ्य

Webdunia
देवी-देवताओं में प्रथम पूजनीय भगवान श्रीगणेश को चतुर्थी तिथि समर्पित होती है। कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहा जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी कहते हैं। आज भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी है।
 
 आज के दिन भगवान श्रीगणेश की पूजा करने से सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है और मनोकामना पूरी होती है। शास्त्रों के अनुसार, चतुर्थी तिथि के दिन चंद्रदर्शन का विशेष महत्व होता है। दर्शन के साथ ही चंद्रमा को अर्घ्य देने से भी श्रीगणेश की विशेष कृपा प्राप्त होती है। जानिए चंद्रमा को कैसे दें अर्घ्य और अर्घ्य देने के लाभ-
 
क्यों जरूरी हैं चंद्रदर्शन-
 
चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन करना बेहद शुभ माना जाता है। सूर्योदय से शुरू होने वाला संकष्टी चतुर्थी का व्रत चंद्र दर्शन के बाद ही समाप्त होता है। इसलिए भगवान श्रीगणेश को समर्पित संकष्टी चतुर्थी के दिन चंद्रदर्शन जरूरी होते हैं। संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा करने सुख-समृद्धि के साथ जीवन में खुशहाली आती है।
 
क्यों दिया जाता है चंद्रमा को अर्घ्य-
 
चंद्रमा को औषधियों का स्वामी और मन का कारक माना जाता है। चंद्रदेव की पूजा के दौरान महिलाएं संतान के दीर्घायु और निरोगी होने की कामना करती हैं। चंद्रमा को अर्घ्य देने से अखंड सौभाग्य का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है।
 
ऐसे दें चंद्रमा को अर्घ्य-
 
चांदी या मिट्टी के पात्र में पानी में थोड़ा सा दूध मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य देना चाहिए। चंद्रमा को अर्घ्य देने से मन में आ रहे समस्त नकारात्मक विचार, दुर्भावना और स्वास्थ्य को लाभ मिलता है। चंद्रमा को अर्घ्य देने से चंद्र की स्थिति भी मजबूत होती है।सबसे पहले एकथाली में मखाने,सफेद फूल, खीर,लड्डू और गंगाजल रखें, फिर ओम चं चंद्रमस्ये नम:, ओम गं गणपतये नम: का मंत्र बोलकर दूध और जल अर्पित करें... सुगंधित अगरबत्ती जलाएं..भोग लगाएं और फिर प्रसाद के साथ व्रत का पारण करें।
ALSO READ: बुधवार को संकष्टी चतुर्थी : जानिए कैसे करें पूजन-अर्चन, पढ़ें शुभ मुहूर्त
ALSO READ: Sankashti Chaturthi 2021: संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत प्रारंभ और पारण समय

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

सूर्य का मकर राशि में गोचर, 12 राशियों का राशिफल, किसे होगा लाभ और किसे नुकसान

2026 में इन 4 राशियों का होगा पूरी तरह कायाकल्प, क्या आप तैयार हैं?

शाकंभरी माता की आरती हिंदी– अर्थ, लाभ और पाठ विधि | Shakambari mata ki aarti

Basant Panchami 2026: वर्ष 2026 में बसंत पंचमी का त्योहार कब मनाए जाएगा

क्या सच में फिर से होने वाला है ऑपरेशन सिंदूर प्रारंभ, क्या कहती है भविष्यवाणी

सभी देखें

धर्म संसार

शनिवार को भूलकर भी न करें ये 5 काम, 12 अचूक उपाय आजमाएंगे तो खुल जाएगी किस्मत: shaniwar ke upay

17 January Birthday: आपको 17 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 17 जनवरी 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

बसंत पंचमी पर बन रहे हैं दुर्लभ योग संयोग, शुभ कार्यों के लिए है अबूझ मुहूर्त

बिजनौर: हनुमान मूर्ति के चारों ओर 4 दिन से घूम रहा कुत्ता, आस्था या कोई संकेत? Video

अगला लेख