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31 अक्टूबर को देवउठनी एकादशी : पर्व से जुड़ी 10 विशेष बातें

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31 अक्टूबर 2017 को देवउठनी एकादशी है। देव प्रबोधिनी एकादशी का महत्व शास्त्रों में उल्लेखित है। क्या करना शुभ होगा इस दिन, पढ़ें 10 विशेष बातें : 
 
* क्षीरसागर में शयन कर रहे श्री हरि विष्णु को जगाकर उनसे मांगलिक कार्यों की शुरूआत कराने की प्रार्थना करें।
 
* देवउठनी ग्यारस पर मंदिरों व घरों में भगवान लक्ष्मीनारायण की पूजा-अर्चना करें। 
 
* मंडप में शालिग्राम की प्रतिमा एवं तुलसी का पौधा रखकर उनका विवाह कराएं। 
 
* मंदिरों के व घरों में गन्नों के मंडप बनाकर भगवान लक्ष्मीनारायण का पूजन कर उन्हें बेर,चने की भाजी, आंवला सहित अन्य मौसमी फल व सब्जियों के साथ पकवान का भोग अर्पित करें।
 
* इसके बाद मण्डप की परिक्रमा करते हुए भगवान से कुंवारों के विवाह कराने और विवाहितों के गौना कराने की प्रार्थना करें। 
 
* प्रबोधिनी एकादशी के दिन शालिग्राम, तुलसी व शंख का पूजन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
 
* गोधूलि बेला में तुलसी विवाह करने का पुण्य लिया जाता है। 
 
* दीप मालिकाओं से घरों को रोशन करें और बच्चे आतिशबाजी कर खुशियां मनाएं।
 
* तुलसी की परिक्रमा करना शुभ होता है। 
 
* इस दिन घर में रंगोली अवश्य बनाएं, इससे नकारात्मक शक्तियां दूर होती है। 

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