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रविवार का व्रत रखने के 5 फायदे

अनिरुद्ध जोशी
हिन्दू धर्म के अनुसार रविवार भगवान विष्णु और सूर्यदेव का दिन भी है। इस दिन उन्हीं की आराधना करना चाहिए। हिन्दू धर्म में इसे सर्वश्रेष्ठ वार माना गया है। यदि आप गुरुवार को मंदिर नहीं जा पा रहे हैं तो इस दिन मंदिर अवश्य जाना चाहिए। आओ जानते हैं कि रविवार का व्रत रखने के कौनसे 5 फायदे हैं।
 
 
1. अच्छा स्वास्थ्य व तेजस्विता पाने के लिए रविवार के दिन उपवास रखने का नियम है।
 
2. रविवार का व्रत करने व कथा सुनने से मनुष्य की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। 
 
3. रविवार का व्रत रखने से मान-सम्मान और धन-यश बढ़ता है।
 
4. जीवन में सुख-समृद्धि, धन-संपत्ति और शत्रुओं से सुरक्षा के लिए रविवार का व्रत सर्वश्रेष्ठ बताया गया है।
 
5. व्रत रखकर रविवार के दिन सूर्य को अर्घ्य देने के कई कारण और लाभ हैं। कहते हैं कि सुबह के सूर्य की आराधना से सेहत बनती है, रोग मिटते हैं, दोपहर की सूर्य आराधना से नाम और यश बढ़ता है और शाम के समय की आराधना से जीवन में संपन्नता आती है। माना जाता है कि सुबह के समय सूर्य को जल चढ़ाते समय इन किरणों के प्रभाव से रंग संतुलित हो जाते हैं और साथ ही साथ शरीर में प्रतिरोधात्मक शक्ति बढ़ती है।
 
कैसे रखें व्रत : सूर्य का व्रत एक वर्ष या 30 रविवारों तक अथवा 12 रविवारों तक करना चाहिए। रविवार को एक समय व्रत रखकर उत्तम भोजन या पकवान बनाकर खाना चाहिए जिससे शरीर को भरपुर ऊर्जा मिलती है। भोजन में नमक का उपयोग उपर से ना करें और सूर्यास्त के बाद नमक ना खाएं। इससे स्वास्थ्य पर असर पड़ता है और हर कार्य में बाधा आती है। खासकर लोग इस दिन चावल में दूध और गुड़ मिलाकर खाते हैं जिससे सूर्य के बुरे प्रभाव दूर होते हैं।

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