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Tilkuta Chauth 2026: तिल-संकटा चौथ पर कैसे करें पूजन, जानें मुहूर्त, महत्व और विधि

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WD Feature Desk

, मंगलवार, 6 जनवरी 2026 (12:01 IST)
Til Sankata Chauth 2026: वर्ष 2026 में तिल-संकटा या सकट चौथ का व्रत 6 जनवरी 2026, मंगलवार को रखा जा रहा है। इस दिन तिल का विशेष महत्व होने के कारण ही इसे तिलकुटा चौथ भी कहा जाता है। यह खास दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, जो संकट यानी कठिनाई और दुख से मुक्ति पाना चाहते हैं।ALSO READ: जनवरी में मकर संक्रांति के साथ पोंगल, लोहड़ी, भोगी पंडिगाई, मकरविलक्कु और माघ बिहु का महत्व

इस दिन व्रतधारी भगवान श्रीगणेश की पूजा करते हैं और विशेष रूप से तिल का दान करते हैं। तिल को सद्भाव, समृद्धि और शांति का प्रतीक माना जाता है, और संकटा चौथ का व्रत उन सभी को परेशानी से उबारने में मदद करता है जो कठिनाई से गुजर रहे होते हैं। इसे तिलकुटा चौथ, सकट चौथ, संकटी चौथ, संकष्टी चतुर्थी और माही चतुर्थी 
 
तिल-संकटा चौथ का महत्व:
 
1. संकटों से मुक्ति: तिल-संकटा चौथ का व्रत उन लोगों के लिए बहुत खास होता है जो जीवन में विभिन्न संकटों और परेशानियों का सामना कर रहे होते हैं। इस दिन भगवान गणेश की पूजा से सभी प्रकार के दुख और कष्ट दूर होते हैं। माना जाता है कि भगवान गणेश सभी विघ्नों को नष्ट करते हैं और उनके आशीर्वाद से व्यक्ति के जीवन में शांति और सुख की प्राप्ति होती है।
 
2. तिल का महत्व: धार्मिक मान्यता के अनुसार संकटा चौथ के व्रत में तिल का प्रयोग खासतौर पर किया जाता है क्योंकि यह शुभ और पवित्र माना जाता है। तिल का दान करने से ग्रह दोष निवारण होता है और व्यक्ति की आर्थ‍िक स्थिति में सुधार आता है।
 
3. व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान: इस दिन व्रतधारी व्यक्ति की व्यक्तिगत समस्याएं, जैसे नौकरी में कठिनाइयां, रिश्तों में तनाव, या किसी अन्य प्रकार के मानसिक दबाव से मुक्ति पाते हैं। इस दिन की पूजा से भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में समृद्धि, सुख और शांति का वास होता है।ALSO READ: संकटों का अंत और सुखों का आरंभ: क्यों खास है चतुर्थी का उपवास?
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तिल-संकटा चौथ पूजा विधि:
 
1. स्नान और शुद्धता:
सबसे पहले व्रतधारी को दिनभर उपवास रखने की तैयारी करनी चाहिए और पूजा से पहले स्नान करना चाहिए। यह शुद्धता की शुरुआत होती है।
 
2. गणेश जी की स्थापना:
इस दिन भगवान गणेश की मूर्ति या चित्र को घर में स्थापित करें। यदि आपके पास मूर्ति नहीं है, तो गणेश जी की तस्वीर भी रख सकते हैं।
 
3. पुष्प, फल और तिल चढ़ाएं:
भगवान गणेश को तिल, फल, फूल और मिठाई अर्पित करें। तिल का विशेष रूप से महत्व होता है, क्योंकि यह भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए एक शुभ आहुति माना जाता है।
 
4. उपवास रखें:
इस दिन उपवास रखना महत्वपूर्ण होता है। व्रत करने वाले दिनभर पानी और फलाहार या फल ले सकते हैं, परंतु किसी प्रकार के अन्न का सेवन नहीं करते हैं।
 
5. संकटा चौथ कथा:
इस दिन संकटा चौथ की विशेष कथा सुननी या पढ़नी चाहिए। कथा में बताया जाता है कि किस प्रकार भगवान गणेश ने अपनी पूजा और व्रत के माध्यम से अपने भक्तों को संकटों से उबारने का कार्य किया।
 
6. गणेश वंदना और मंत्रोच्चारण:
पूजा के दौरान भगवान गणेश के मंत्रों का जाप करें। 'ॐ गं गणपतये नमो नमः' और 'ॐ श्री गणेशाय नमः' जैसे मंत्र का उच्चारण करें। गणेश जी की आरती गाएं या सुनें।
 
7. तिल का दान:
पूजा के बाद तिल का दान करें। यह दान पवित्र माना जाता है और इससे व्यक्ति के सभी कष्ट दूर होते हैं।
 
8. दीप जलाएं:
पूजा के बाद दीपक और अगरबत्तियां जलाएं। इस दौरान घर का वातावरण पवित्र और सकारात्मक बनता है।
 
9. आरती:
अंत में भगवान गणेश की आरती गाकर पूजा का समापन करें।
 
10. चंद्रोदय पर अर्घ्य: शाम को चंद्रमा निकलने पर तिल, गुड़ और जल से अर्घ्य देकर फिर व्रत का पारण करें।

तिल-संकटा चौथ पूजन मुहूर्त 2026
 
तिल-संकटा चौथ के दिन का व्रत सुबह से लेकर रात्रि तक करना चाहिए। विशेष पूजा का समय सूर्योदय से पूर्व होता है, जब चतुर्थी तिथि का आरंभ होता है। संकटा चौथ का मुहूर्त इस प्रकार है:

माघ कृष्ण चतुर्थी 6 जनवरी 2026, मंगलवार को

संकष्टी के दिन चन्द्रोदय - 08:54 पी एम होगा।
 
* चतुर्थी तिथि का आरंभ: 06 जनवरी, 2026 को 08:01 ए एम बजे
* चतुर्थी तिथि का समापन: 07 जनवरी, 2026 को 06:52 ए एम बजे। 
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Sankashti Ganesh Chaturthi 2026, कब है साल की पहली संकष्टी गणेश चतुर्थी, जानें महत्व, पूजा विधि और मुहूर्त

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