Hanuman Chalisa

फेफड़ों की एक्सरसाइज, भस्त्रिका प्राणायाम कैसे करें

अनिरुद्ध जोशी
मंगलवार, 13 सितम्बर 2022 (18:18 IST)
yogasan
Yoga for lung strength: कपालभाति प्राणायाम की तरह ही भस्त्रिका प्राणायाम भर फेफड़ों को मजबूत बनाकर उसकी कार्यक्षमता बढ़ाता है। हालांकि दोनों ही प्राणायाम को किसी योग शिक्षक की सलाह पर ही करना चाहिए। आओ जानते हैं कि संक्षिप्त में कि भस्त्रिका प्राणायाम कैसे कहते हैं।
 
 
भस्त्रिका प्राणायाम (bhastrika pranayama kaise karte hain) : 
1. भस्त्रिका का शब्दिक अर्थ है धौंकनी अर्थात एक ऐसा प्राणायाम जिसमें लोहार की धौंकनी की तरह आवाज करते हुए वेगपूर्वक शुद्ध प्राणवायु को अन्दर ले जाते हैं और अशुद्ध वायु को बाहर फेंकते हैं। 
 
2. सिद्धासन या सुखासन में बैठकर कमर, गर्दन और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखते हुए शरीर और मन को स्थिर रखें। आंखें बंद कर दें। 
 
3. फिर तेज गति से श्वास लें और तेज गति से ही श्वास बाहर निकालें। 
 
4. श्वास लेते समय पेट फूलना चाहिए और श्वास छोड़ते समय पेट पिचकना चाहिए। इससे नाभि स्थल पर दबाव पड़ता है। 
 
5. इस प्राणायाम को अच्छे से सिखकर मात्र 30 सेकंड किया जा सकता है।
 
 
सावधानी : भस्त्रिका प्राणायाम करने से पहले नाक बिल्कुल साफ कर लें। भ्रस्त्रिका प्राणायाम प्रात: खुली और साफ हवा में करना चाहिए। क्षमता से ज्यादा इस प्राणायाम को नहीं करना चाहिए। दिन में सिर्फ एक बार ही यह प्राणायाम करें। किसी को कोई रोग हो तो यह प्राणायम योग शिक्षक से पूछकर ही करें।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

क्या आपका फर्स्ट वेलेंटाइन डे है, तो ऐसे करें Valentine Week को सेलिब्रेट

Kiss Day 2026: प्यार जताने के सही मायने और जरूरी सीमाएं

Hug Day 2026: गले लगाने का सही तरीका और ये बड़ी गलतियां न करें

वेलेंटाइन डे पर प्रेरक प्रेम कविता: प्रेम का संकल्प

Valentine Day Essay: वेलेंटाइन डे पर बेहतरीन निबंध हिन्दी में

सभी देखें

नवीनतम

Maha Shivratri Recipes: महाशिवरात्रि व्रत विशेष 5 फलाहार रेसिपीज

महाशिवरात्रि पर भांग क्यों पी जाती है? जानिए धार्मिक कारण और नशा उतारने के आसान उपाय

महाशिवरात्रि पर किस तरह बनाएं ठंडाई, जानिए विधि Maha Shivratri Thandai

Maha Shivratri Nibandh: महाशिवरात्रि पर हिन्दी निबंध

Valentine Special: राशि से जानें आपका कौन-सा है बेस्ट लव मैच