गुजरात में जहरीली शराब से कोहराम, 30 की मौत, 14 लोगों के खिलाफ केस

Webdunia
मंगलवार, 26 जुलाई 2022 (15:08 IST)
अहमदाबाद। गुजरात के बोटाद जिले में जहरीली शराब के सेवन से मरने वालों की संख्या बढ़कर 29 हो गई। 45 लोगों का भावनगर, बाटोद और अहमदाबाद के अस्पतालों में इलाज चल रहा है। पुलिस ने 14 लोगों के खिलाफ 3 प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया है।
 
गुजरात के पुलिस महानिदेशक आशीष भाटिया ने गांधीनगर में संवाददाताओं से कहा कि अत्यधिक जहरीले मिथाइल अल्कोहल से शराब बनाई गई थी। उन्होंने कहा कि हत्या और अन्य अपराधों के आरोप में 14 लोगों के खिलाफ तीन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और उनमें से अधिकतर को हिरासत में लिया गया है।
 
मामला सोमवार की सुबह तब सामने आया जब बोटाड के रोजिड गांव और आसपास के अन्य गांवों में रहने वाले कुछ लोगों को उनकी हालत बिगड़ने पर बरवाला क्षेत्र और बोटाद कस्बों के सरकारी अस्पतालों में भर्ती किया गया।
 
जहरीली शराब के सेवन से अब तक 29 लोगों की मौत हो चुकी है। उनमें से 23 बोटाद जिले के विभिन्न गांवों के थे, जबकि 6 लोग पड़ोसी अहमदाबाद जिले के थे। इसके अलावा, 45 से अधिक लोग वर्तमान में भावनगर, बोटाद और अहमदाबाद के अस्पतालों में भर्ती हैं।
 
भाटिया ने कहा कि फोरेंसिक विश्लेषण से पता चला है कि पीड़ितों ने मिथाइल अल्कोहल का सेवन किया था। हमने हत्या और अन्य अपराधों के आरोप में 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और अधिकतर आरोपियों को पहले ही हिरासत में ले लिया है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

CM धामी ने बदले 18 स्थानों के नाम, औरंगजेबपुर हुआ शिवाजी नगर

कौन हैं निधि तिवारी, बनीं पीएम मोदी की Personal Secretary?

जानिए कौन हैं घिबली' आर्ट की शुरुआत करने वाले हयाओ मियाजाकी, कितनी संपत्ति के हैं मालिक

सावधान! अप्रैल-जून में पड़ेगी सामान्य से ज्यादा गर्मी, लू से होगा सामना

1 अप्रैल की रात से बैंकिंग से लेकर यूपीआई तक बदल रहे हैं ये नियम

सभी देखें

नवीनतम

MP : अहमदाबाद-बरौनी एक्सप्रेस के डिब्बे में लगी आग, यात्रियों में मचा हड़कंप, कोई हताहत नहीं

बंगाल में गैस सिलेंडर विस्फोट, 4 बच्चों समेत 7 लोगों की मौत

साइबर अपराधियों ने ओडिशा के पूर्व IT मंत्री से ठगे 1.4 करोड़

Chhattisgarh : बीजापुर में 13 माओवादी गिरफ्तार, बारूदी सुरंग विस्फोट में थे शामिल

जल संवर्धन के साथ उसका संरक्षण आज की महती आवश्यकता : मोहन यादव

अगला लेख