Publish Date: Tue, 03 Apr 2018 (08:19 IST)
Updated Date: Tue, 03 Apr 2018 (08:21 IST)
लखनऊ। आप सोच रहे होंगे की युवा पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव इतनी जल्दी क्यों रिटायर हो रहे हैं? घबराइए नहीं राजनीति से रिटायरमेंट नहीं ले रहे हैं बल्कि विधान परिषद की सदस्यता से अखिलेश यादव के साथ कई वरिष्ठ नेता का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इसके चलते 5 मई 2018 को यह सभी रिटायर हो जाएंगे।
चुनाव आयोग ने 26 अप्रैल को मतदान की तारीख घोषित कर दी गयी है। 5 मई के पूर्व नए विधान परिषद सदस्यों का गठन होना है। 5 मई को सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, नरेश चंद्र उत्तम, उमर अली खान, मधु गुप्ता, राजेंद्र चौधरी, राम सकल गुर्जर, विजय यादव, अंबिका चौधरी (चौधरी बसपा में जाने के बाद इस्तीफा दे चुके), बसपा के विजय प्रताप और सुनील कुमार चित्तौड़, रालोद के चौधरी मुश्ताक तथा प्रदेश सरकार के मंत्री महेंद्र सिंह व मोहसिन रजा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
पिछली बार विधान परिषद की 13 सीटों पर आठ सीटें सपा, तीन बसपा, एक भाजपा तथा एक रालोद ने जीती थी। बसपा के जयवीर सिंह के इस्तीफा देने के बाद हुए चुनाव में मोहसिन रजा विजयी हुए थे। अब देखने वाली बात यह है कि रिटायर हो रहे इन वरिष्ठ नेताओं में किस-किस की वापसी विधान परिषद में दोबारा होती है। एक उम्मीदवार की जीत के लिए 29 मत की जरूरत होगी और इस समय उत्तर प्रदेश की स्थिति में सबसे ज्यादा भारतीय जनता पार्टी मजबूत है।