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यूपी में आसमान से बरसी आफत, 32 मरे, स्कूल बंद

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गुरुवार, 16 सितम्बर 2021 (23:52 IST)
लखनऊ। उत्तरप्रदेश प्रदेश में तूफानी हवाओं संग मूसलाधार बारिश से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बारिश से कई मकान जमीदोज हो गये है जबकि पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से कई इलाकों में विद्युत व्यवस्था चरमरा गयी। वर्षाजनित हादसों में कम से कम 32 लोगों के मारे जाने और कई के घायल होने की सूचना है। स्कूल-कॉलेज दो दिन के लिए बंद कर दिए गए हैं।

मौसम आंचलिक विज्ञान केन्द्र लखनऊ के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि मध्य प्रदेश में कम दवाब का क्षेत्र बनने से राज्य में मूसलाधार बारिश के हालात पैदा हुये है हालांकि शुक्रवार को लोगों को वर्षा से निजात मिलने के आसार हैं। इस दौरान आसमान में बादलों का जमावड़ा बना रहने और रिमझिम बारिश होने का अनुमान है।

बुधवार रात से रूक रूक कर हो रही बारिश का सर्वाधिक कहर ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानो पर हुआ है। वर्षा के चलते दर्जनों कच्चे मकान मलबे में तब्दील हो चुके है जबकि सैकड़ों पेड धराशायी हो गये और बिजली के पोल और तार टूटने से कई इलाके अंधेरे में डूबे हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारी बारिश को देखते हुये अगले दो दिन राज्य के सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया है।
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उन्होंने बारिश के मद्देनजर सभी मण्डलायुक्तों तथा जिलाधिकारियों को पूरी तत्परता से राहत कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी क्षेत्र का भ्रमण कर राहत कार्यों पर नजर रखें। उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। वर्षाजनित हादसों में बाराबंकी में छह, जौनपुर में चार,प्रयागराज, प्रतापगढ़ और फतेहपुर में पांच-पांच,कौशांबी में तीन लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा सीतापुर,चित्रकूट और अयोध्या में एक एक व्यक्ति की जान गई है। मूसलधार बारिश के चलते पेड़ और मकान गिरने से कई लोग घायल हुए है जिन्हे नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

लखनऊ में सुबह 8 बजे से शाम छह बजे तक 115 मिमी बारिश रिकार्ड की जा चुकी थी। इससे पहले चालू मानसून सीजन में जुलाई महीने में एक दिन में 115.5 मिमी वर्षा हो चुकी है। बारिश की रफ्तार से उन्होने उम्मीद जाहिर की कि आज की वर्षा से सितम्बर 2012 का रिकार्ड टूट सकता है जब एक दिन में 138.8 मिमी बारिश रिकार्ड की गई थी।

इस बीच लगातार हो रही बारिश से साग सब्जियों को भारी नुकसान होने की संभावना है हालांकि भादों के महीने में हो रही झमाझम बरसात खरीफ की फसल के लिये मुफीद मानी जा रही है। बारिश के चलते राज्य के अधिसंख्य इलाकों के तापमान में सात डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है।

लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, अयोध्या, बाराबंकी, जौनपुर और कुशीनगर समेत राज्य के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश से कई इलाके टापू की शक्ल में तब्दील हो चुके हैं। राज्य के कई इलाकों में स्कूलों में रेनी डे घोषित कर दिया गया है जबकि दफ्तर जाने वालों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ा। बाजार भी देर से खुले लेकिन अधिकतर व्यापारी ग्राहकों की बाट जोहते नजर आ रहे हैं।

लखनऊ में भारी बरसात के बीच मुख्यमंत्री आवास के समीप पार्क रोड, सिविल अस्पताल, नरही, डालीबाग, जियामऊ और हजरतगंज समेत कई इलाके टापू की शक्ल में तब्दील हो गए। पार्क रोड पर घुटनों तक पानी भरने से कई वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए। जलजमाव के चलते सिविल अस्पताल में ओपीडी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई। सप्रू मार्ग में पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया। एलडीए कॉलोनी में बरसात का पानी घरों में प्रवेश कर गया। लखनऊ के नगर आयुक्त जलभराव का जायजा लेने सड़क पर निकले मगर यह सिर्फ औपचारिकता मात्र साबित हुआ।

धर लखनऊ कमिश्नरेट ने लोगों से बिजली के खंभों से दूर रहने की चेतावनी जारी की। लोगों से घरों में रहने और बहुत जरूरी होने पर बाहर निकलने की अपील की जा रही है। बाद में जिलाधिकारी कार्यालय से भी चेतावनी जारी कर लोगों से एहतियात बरतने और घरो में रहने की अपील की गई।

बारिश के चलते सड़क,रेल और हवाई यातायात प्रभावित हुआ। अमौसी हवाई अड्डे पर कई उड़ाने रद्द कर दी गयी वहीं रेल पटरियों पर पानी भरने से लखनऊ झांसी इंटरसिटी एक्सप्रेस को मानकनगर रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर करीब एक घंटे तक रोकना पड़ा। बारिश के चलते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बाराबंकी दौरा टाल दिया गया।

अयोध्या में सुबह नौ बजे तक दो सेमी से ऊपर वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी थी जबकि रायबरेली के फुर्सतगंज में 186़ 3 मिमी, लखनऊ में 157.2 मिमी, सुलतानपुर में 138़ 4 मिमी, बांसगांव गोरखपुर में 142 मिमी, संतकबीरनगर जिले के घनघटा में 128 मिमी बारिश दर्ज की गई है। लगातार हो रही वर्षा से गंगा,यमुना,घाघरा,सरयू और गोमती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

जौनपुर में कई कच्चे मकान जमीदोज हो गये जिनके मलबे में दब कर एक परिवार के तीन सदस्यों समेत चार लोगों की मौत हो गयी जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गये। सुजानगंज थाना क्षेत्र के सरायखानी गांव निवासी भरत लाल जायसवाल (38) परिवार के सदस्यों के साथ सो रहे थे कि तड़के करीब चार बजे कच्चे मकान की दीवार ढह गई। इस हादसे में भरत लाल, पत्नी गुलाबा देवी (34) और बेटी साक्षी (10) की मौत हो गई जबकि भाभी रेखा देवी (45) और भांजी काजल (12) की हालत गंभीर बनी हुई है। एक अन्य घटना में सिकरारा थाना क्षेत्र के सकल देल्हा गांव में दीवार गिfरने से उर्मिला देवी (47) की मौत हो गई।

प्रयागराज में रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच मुट्ठीगंज क्षेत्र में एक जर्जर मकान के ढ़हने से अनीता सौंदिया (55) की मौत हो गयी जबकि उसका पुत्र घायल हो गया। बाराबंकी जिले के असंदरा क्षेत्र में तेज हवाओं और भारी बारिश के बीच कच्चे मकान की दीवार ढहने से पिता पुत्र की मौत हो गई।
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फतेहपुर जिले में बीते 48 घंटे में हो रही मूसलाधार बारिश से तीन अलग अलग थाना क्षेत्रों में कच्चे मकान ढहने से दो सगी बहनों समेत चार लोगों की मृत्यु हो गयी जबकि गंभीर रूप से घायल दंपत्ति समेत तीन की हालत नाजुक बनी हुयी है। पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह ने गुरूवार को बताया कि बारिश से सुल्तानपुर घोष के दरियापुर में कच्चा मकान ढहने से मलबे में दबकर दो सगी बहनें गुडिया (13) और मुस्कान (3) की मौत हो गई।
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कल्यानपुर थाना क्षेत्र के मरहा में दो साल की कोमल की कच्चे मकान के मलबे में दबने से मृत्यु हो गई जबकि उसके माता-पिता माता बदल और गुडिया को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ललौली थाना क्षेत्र के जजरहा निवासी राकेश (26) की कच्चा मकान गिरने से दब कर मौत हो गई।

मूसलाधार बारिश के बीच दिल्ली हावड़ा रेलमार्ग पर इटावा रेलवे स्टेशन के निकट यूकेलिप्टस पेड़ गिरने से ओईची लाइन टूट गयी और ट्रेनों के पहिए जस के तस थम गये। ओईची लाइन टूटने की कारण जोधपुर हावडा,नीलांचल एक्सप्रेस और कालका मेल को इटावा रेलवे स्टेशन पर रोक कर रखा गया जबकि कई अन्य महत्वपूर्ण रेल गाड़ियों को आगे पीछे के रेलवे स्टेशनों पर रोका गया। पेड़ गिरने की घटना के कारण करीब एक घंटे रेलगाड़ियों का आवागमन प्रभावित रहा है।
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इटावा में तडके से हो रही जोरदार बरसात के चलते मैनपुरी अंडर ब्रिज नदी मे तब्दील हो गया जिसमे 40 यात्रियो से भरी रोडवेज बस समेत कई वाहन फंस गये। नगर पालिका परिषद के अधिशाषी अधिकारी विनय मणि त्रिपाठी ने बताया कि अंडर ब्रिज मे 40 सवारियों से भरी बस के फंसने की सूचना मिलने के बाद नगर पालिका परिषद की एक राहत टीम दो जेसीबी मशीन के साथ भेजी गई जिसके माध्यम से अंडर ब्रिज मे फंसी बस को पानी से करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद बडी मुश्किल से बाहर निकाला गया। झांसी, ललितपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गाजियाबाद, इटावा, संतकबीरनगर, महराजगंज, बांदा, महोबा समेत कई इलाकों में आसमान में बादल छाए हैं और रूक-रूक कर वर्षा का दौर जारी है।(वार्ता)

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