Publish Date: Sat, 04 Aug 2018 (22:14 IST)
Updated Date: Sat, 04 Aug 2018 (22:16 IST)
लखनऊ। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ पीड़ितों को प्राथमिकता पर राहत पहुंचाने निर्देश देते हुए कहा कि बारिश में संवेदनशील स्थलों का चिन्हांकन कर लगातार निगरानी की जाए जिससे कि जनधन की हानि न हो।
योगी ने शनिवार को लखीमपुर खीरी और गोंडा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को प्राथमिकता पर राहत पहुंचाई जाए। अगस्त और सितंबर में बरसात की अधिक संभावना रहेगी। सतर्क रहकर और संवेदनशील स्थलों का चिन्हांकन कर अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा लगातार निगरानी की जाए जिससे जनधन की हानि न हो।
उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने, क्लोरिन की टेबलेट बांटने, एंटीलार्वा छिड़काव करने तथा शुद्ध पेयजल की उपलब्धता एवं जानवरों को चारा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों में केरोसिन तथा एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
योगी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने बाद समीक्षा बैठक की तथा बाढ़ से बचाव के लिए जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों का ब्योरा मांगा। लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में 397 नावें तथा 79 गोताखोरों की व्यवस्था की गई है।
एनडीआरएफ वाराणसी से लगातार संपर्क बना हुआ है जिससे बाढ़ की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। पूर्व के वर्षों में तहसील धौरहरा, लखीमपुर (फूलबेहड़) में कटान की स्थिति ज्यादा भयावह होती थी, इस वर्ष की गई तैयारियों के कारण कटान में कमी आई है। इसके अतिरिक्त बाढ़ से हुई फसलों की क्षति का आकलन किया जा रहा है। राहत सामग्री की व्यवस्था कर ली गई है जिससे कि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत राहत पहुंचाई जा सके। (वार्ता)