Publish Date: Thu, 11 Jul 2024 (07:48 IST)
Updated Date: Thu, 11 Jul 2024 (07:52 IST)
तिरुवनंतपुरम। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अदालत को बताया कि केरल पुलिस के एक तत्कालीन विशेष शाखा अधिकारी ने मालदीव की एक महिला की भारत में अवैध हिरासत को सही ठहराने के लिए 1994 का इसरो जासूसी प्रकरण रचा था, जिसमें पूर्व अंतरिक्ष वैज्ञानिक नंबी नारायणन को फंसाया गया था।
सीबीआई ने जासूसी मामले में नारायणन और मालदीव की 2 महिलाओं समेत 5 अन्य को फंसाने के लिए पांच पूर्व पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दायर आरोप पत्र में यह आरोप लगाया है। जून के आखिरी सप्ताह में आरोप पत्र दायर किया गया था, लेकिन बुधवार को यह सार्वजनिक हुआ।
सीबीआई ने कहा कि मालदीव की नागरिक मरियम रशीदा ने तत्कालीन विशेष शाखा अधिकारी एस. विजयन की इच्छा को मानने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद विजयन ने रशीदा के यात्रा दस्तावेज और हवाई टिकट ले लिए थे ताकि वह देश से रवाना न हो पाए।
एजेंसी ने आगे कहा कि विजयन को तब पता चला कि रशीदा इसरो के वैज्ञानिक डी. शशिकुमारन के संपर्क में थी और उसके आधार पर रशीदा और उसकी मालदीव की दोस्त फौजिया हसन पर निगरानी रखी गई।
सीबीआई ने कहा कि पुलिस ने सहायक खुफिया ब्यूरो (SIB) को भी महिलाओं के बारे में सूचित किया था, लेकिन विदेशी नागरिकों की जांच करने वाले आईबी अधिकारियों को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। इसके बाद, रशीदा को वैध वीजा के बिना देश में रहने के लिए विदेशी अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। (भाषा)
Edited by : Nrapendra Gupta
About Writer
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।....
और पढ़ें