जम्मू कश्मीर में मतदान से पहले उम्‍मीदवार नहीं, सुरक्षाबल पहुंचे डोर टू डोर

श्रीनगर। आतंकियों की धमकी और राजनीतिक दलों के बायकॉट के बीच घाटी में सोमवार को स्थानीय निकाय के पहले चरण का मतदान है। चुनाव के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। चुनाव वाले क्षेत्रों में सुरक्षा बलों का गश्त बढ़ा दिया गया है, ताकि जनता के बीच किसी तरह का खौफ ना रहे। आतंकियों की जानकारी मिलने के बाद शोपियां के 6 गांवों में सुरक्षाबलों ने घर-घर जाकर सर्च ऑपरेशन चलाया गया है।
 
 
कश्मीर के शोपियां के 6 गांवों में सेना ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। कुछ आतंकियों के गांवों में छिपे होने की आशंका के बाद सुरक्षाबलों शोपियां के 6 गांवों में तलाशी अभियान चला रही है। बालपुरा, गनोवपुरा, बर्थीपुरा, वाथूगांव, चख और सिंदू सिरमल गांव में सुरक्षाबल चप्पे-चप्पे की छानबीन कर रही है। गांववालों को अलर्ट कर दिया गया है। फिलहाल इलाके में कितने आतंकी छिपे हैं, इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है।
 
चुनाव को देखते हुए सुरक्षा बलों को सघन चेकिंग का निर्देश दिया गया है। उनसे कहा गया है कि वाहनों की चेकिंग के साथ हर संदिग्ध व्यक्ति पर कड़ी नजर रखी जाए। सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए चेक पॉइंट्स की संख्या भी बढ़ा दी गई है। इसके अलावा खोजी कुत्तों के दल को भी इस काम में लगाया गया है।
 
एक अधिकारी ने बताया, 'हम छोटे-छोटे दल बनाकर इलाके में निगरानी कर रहे हैं। ज्यादातर उम्मीदवारों को सुरक्षित जगहों पर रखा गया है और कुछ विशेष सुरक्षा भी प्रदान की गई है। ऑपरेशन के जरिए इस इलाके को सुरक्षित किया गया है और सुरक्षा बलों को संख्या बढ़ा दी गई है।
 
जम्मू-कश्मीर में स्थानीय निकायों के चुनाव चार चरणों में होंगे। 8 अक्टबूर के बाद दूसरे चरण का मतदान 10 अक्टूबर को, तीसरे फेज की वोटिंग 13 अक्टूबर और अंतिम चरण का मतदान 16 अक्टूबर को होगा। वोटों की गिनती 20 अक्टूबर को होगी।
 
पुलिस के मुताबिक उनका ज्यादा ध्यान संवेदनशील इलाकों पर है। अधिकारी ने कहा कि मतदान केंद्रों पर सुरक्षा सख्त है और उनके आसपास मजबूत सुरक्षा घेरा है। कश्मीर में सीआरपीएफ के महानिरीक्षक रविदीप सिंह शाही ने कहा, 'समूची कश्मीर घाटी में माहौल नियंत्रण में है और लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा करने की कोशिश की जा रही है जिससे वे बेखौफ होकर मतदान के लिए आ सकें।' 
 
8 अक्टूबर को जिन इलाकों में चुनाव होने हैं, उनमें जम्मू और लद्दाख के अलावा संवेदनशील दक्षिण कश्मीर के 4 जिले शामिल हैं। इन इलाकों में 6 अक्टूबर से ही इंटरनेट सेवा रोक दी गई है।।
 
इस बीच पुलिस ने लोगों को बरगला और बहका रहे आतंकियों के 500 सक्रिय कार्यकर्ताओं (ओवर ग्राउंड वर्कर्स) को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। राज्य के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने बताया कि धमकी देने, साजिश रचने और चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश कर रहे आतंकवादियों के 450 से 500 समर्थकों को पिछले एक हफ्ते में गिरफ्तार किया गया है। 
 
राज्य के चुनाव अधिकारी के मुताबिक पहले फेज में कुल 422 वार्डों के लिए 1,283 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें जम्मू में 1010, कश्मीर में 207, लद्दाख में 66 उम्मीदवार हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि चार चरणों में होने वाले चुनाव के लिए कुल 2,990 उम्मीदवार मैदान में हैं। 
 
अब तक लगभग 244 उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए हैं, जिनमें से ज्यादातर कश्मीर घाटी से हैं। राज्य की मुख्यधारा की दो पार्टियां नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी इन चुनावों का बहिष्कार किया है। ये दल संविधान के अनुच्छेद 35-ए को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दिए जाने का विरोध कर रहे हैं।

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