Publish Date: Thu, 10 Feb 2022 (10:24 IST)
Updated Date: Thu, 10 Feb 2022 (10:27 IST)
उत्तराखंड में मौसम ने करवट ली तो बर्फ की सफेद चादर से पहाड़ियां ढंक गईं। सर्वाधिक हिमपात के साथ-साथ अब ग्लेशियर के गिरने का संकट भी हो सकता है, जिससे फिर केदारनाथ जैसी तबाही का खतरा बना हुआ है। जिला प्रशासन ने संकट को देखते हुए अलर्ट जारी किया है।
खबरों के अनुसार, किन्नौर में फरवरी महीने के पश्चात् निरंतर ग्लेशियर गिरने के अतिरिक्त पहाड़ों से चट्टान खिसकने, भूस्खलन होने का सिलसिला जारी रहता है, जिसमें लोगों के जानमाल की हानि भी हो सकती है। यहां कारण है कि स्थानीय व्यक्तियों एवं यहां आए सैलानियों से सतर्क रहने का आग्रह किया है।
फरवरी से अप्रैल महीने तक जिले के नदी-नालों व पहाड़ियों पर ग्लेशियर गिरने का सबसे ज्यादा संकट बना रहता है। डीसी किन्नौर आबिद हुसैन सादिक के अनुसार, जिले में 9 फरवरी को सर्वाधिक हिमपात के साथ-साथ ग्लेशियर गिरने का अंदाजा मौसम विभाग केंद्र शिमला द्वारा लगाया गया है।
बर्फबारी से यहां कड़ाके की ठंड भी बढ़ गई। बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब के साथ ही केदारनाथ, मद्महेश्वर, धनोल्टी में जमकर बर्फबारी हुई। बारिश और बर्फबारी से फिर से ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। वहीं बर्फबारी के कारण ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आवाजाही का संकट बना हुआ है।