Publish Date: Tue, 20 Sep 2022 (07:28 IST)
Updated Date: Tue, 20 Sep 2022 (17:19 IST)
पटना। बिहार के 3 जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और आंधी के कारण 11 लोगों की मौत हो गई। राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मृतकों के परिवार के सदस्यों को 4-4 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
नीतीश कुमार ने एक बयान में कहा कि पूर्णिया और अररिया में 4-4 और सुपौल में 3 लोगों की आंधी और आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई।
उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। सभी मृतकों के परिजनों को तत्काल चार-चार लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने लोगों से खराब मौसम में सतर्क रहने और दुर्घटना से बचने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी सुझावों का पालन करने की भी अपील की।
कहां होता है आकाशीय बिजली की चपेट में आने का ज्यादा खतरा : आकाशीय बिजली अधिकतर बारिश के मौसम में गिरती है। खुले आसमान के नीचे, हरे पेड़ के नीचे होते हैं, पानी के करीब होते हैं या फिर बिजली और मोबाइल के टॉवर के नजदीक में होने पर इसकी चपेट में आने का खतरा अधिक रहता है।
क्यों गिरती है आसमानी बिजली : बिजली गिरना असल में स्थैतिक ऊर्जा का निकलना होता है जब धरती और बादलों के बीच विद्युत चार्ज बिगड़ जाता है, आसमान में बहुत बड़ा इलेक्ट्रिक स्पार्क है, मीनार, ऊंचे पेड़, घर या इंसान जब पॉजिटिव चार्ज हो जाते हैं तब उससे पॉजिटिव इलेक्ट्रिसिटी निकलकर ऊपर की ओर जाती है, इसे स्ट्रीमर कहते हैं बादल के निचले हिस्से में मौजूद निगेटिव चार्ज स्ट्रीमर की ओर आकर्षित होता है, जिससे बिजली धरती पर गिरती है। यही कारण है कि ऊंची चीजों पर बिजली गिरने की आशंका अधिक होती है।