Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

टाटा पर 'ममता', सिंगूर से TATA को माकपा ने भगाया था, मैंने नहीं

हमें फॉलो करें Mamta Banerjee
बुधवार, 19 अक्टूबर 2022 (19:39 IST)
सिलीगुड़ी (प. बंगाल)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को दावा किया कि राज्य के सिंगूर से टाटा मोटर को उन्होंने नहीं, बल्कि माकपा ने भगाया था।
 
बनर्जी ने ‘बिजया सम्मिलनी’ या दुर्गापूजा के बाद की सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने केवल किसानों की वे जमीनें लौटाई थीं, जिन्हें हुगली जिले के सिंगूर में टाटा मोटर की नैनो कार फैक्ट्री के लिए पूर्व वाम मोर्चा सरकार ने जबरन अधिग्रहीत किया था।
 
लोग फैला रहे हैं अफवाह : उन्होंने सरकारी समारोह में कहा कि ऐसे लोग हैं जो अफवाह फैला रहे हैं कि मैंने टाटा को पश्चिम बंगाल से भगा दिया, मैंने उन्हें जाने के लिए मजबूर नहीं किया, बल्कि यह माकपा थी जिसने उन्हें भगाया। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उन्होंने इस कार्यक्रम में कोई राजनीतिक बयान न देने के बारे में सोचा था।
 
उन्होंने कहा कि माकपा ने परियोजना के लिए लोगों से जबरन जमीन ली थी, हमने वह जमीन लोगों को लौटा दी। हमने बहुत सारी परियोजनाएं की हैं, लेकिन कभी किसी से जबरन जमीन नहीं ली। हम जबरन जमीन क्यों लें? यहां जमीन की कोई कमी नहीं है।
 
सिंगूर में 2000 के दशक के मध्य में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन के लिए बनर्जी की अक्सर उनके विरोधियों, विशेष रूप से माकपा द्वारा आलोचना की जाती है, जिसकी वजह से टाटा समूह को अपनी महत्वाकांक्षी नैनो कार निर्माण परियोजना को छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा, जबकि इस परियोजना का कुछ काम पूरा भी हो चुका था। इस परियोजना से हजारों नौजवानों को नौकरियां मिलतीं। 
 
बंगाल में भेदभाव नहीं : इस आंदोलन ने राज्य में बनर्जी को सत्ता के द्वार तक पहुंचाया था और उन्होंने 2011 में 34 साल की वाम मोर्चा सरकार को शिकस्त दी थी। अडाणी समूह की ताजपुर बंदरगाह परियोजना और देउचा पचामी कोयला खदान परियोजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बंगाल में कोई भेदभाव नहीं है। हम चाहते हैं कि हर उद्योगपति यहां निवेश करे।
 
कोलकाता में स्कूली नौकरियों के लिए चल रहे आंदोलन की ओर इशारा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार लोगों को रोजगार देना जारी रखेगी, हालांकि ऐसी ताकतें हैं जो बाधा पैदा करती हैं।
 
बनर्जी ने कहा कि मैं यहां बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना चाहती हूं। ऐसी ताकतें हैं जो नहीं चाहतीं कि लोगों को रोजगार मिले। वे उनके लिए बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। हम लोगों को रोजगार देना बंद नहीं करेंगे। हम उन्हें नियमित रूप से रोजगार देंगे और नौकरी नहीं छीनेंगे।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala (भाषा)

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

रूस-यूक्रेन युद्ध का 'असली विजेता' तो ईरान है, जानिए क्यों है ऐसा?