जनता का EVM से भरोसा उठ गया है, मतपत्र से कराए जाएं चुनाव : मनीष तिवारी

मंगलवार, 6 नवंबर 2018 (00:11 IST)
रायपुर। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के बजाय मतपत्र से चुनाव कराए जाने की मांग को दोहराते हुए कहा है कि चुनाव आयोग EVM के इस्तेमाल को लेकर इतना सुरक्षात्मक क्यों है, जबकि जनता का इस प्रक्रिया से भरोसा उठ गया है।
 
 
तिवारी ने सोमवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में कहा कि सवाल यह नहीं है कि ईवीएम सुरक्षित है कि नहीं बल्कि सवाल यह है कि देश की जनता को ईवीएम पर भरोसा है कि नहीं? लोकतंत्र एक भरोसे की प्रणाली है और आज भारत की जनता का विश्वास ईवीएम से उठ चुका है। चाहे वीवीपीएटी लगा लीजिए या चाहे सीपीपीपीएटी या अन्य पीएटी लगा लीजिए। हमें तो यह बात समझ नहीं आती है कि चुनाव आयोग ईवीएम को लेकर इतना सुरक्षात्मक क्यों है?
 
कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार चुनाव आयोग को पूरी शक्ति दी गई है लेकिन लोकतांत्रिक प्रक्रिया में केवल चुनाव आयोग ही अकेले स्टेक होल्डर नहीं है। सवाल यह नहीं है कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है या नहीं, सवाल यह है कि लोगों के मन में आशंका है कि ईवीएम से छेड़छाड़ संभव है और यही पर्याप्त कारण है कि वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा के चुनाव मतपत्र से कराए जाएं।
 
तिवारी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि पेट्रोलियम पदार्थों पर विभिन्न कर लगाकर जनता से 11 लाख करोड़ रुपए की लूट की गई है। मई 2014 से आज तक मोदी सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर भारी-भरकम टैक्स लगाकर जनता की जेब से 52 महीनों में 11 लाख करोड़ रुपए लूटे गए हैं। अभी देश में पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडरों की कीमत सबसे ज्यादा है और यह अब तक की सबसे ज्यादा कीमत है। रसोई गैस की आसमान छूती कीमतों ने घर का बजट बिगाड़ दिया है।
 
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने के सवाल पर तिवारी ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली प्रेसिडेंशियल नहीं है बल्कि प्राइम मिनिस्ट्रियल है और उसमें लोकसभा क्षेत्रों में अलग-अलग चुनाव होता है। और जब चुनाव संपन्न हो जाता है, तब सबसे बड़ी पार्टी या सबसे बड़ा गठबंधन प्रधानमंत्री उम्मीदवार को तय करता है। जब यह सवाल पूछा जाता है कि आपका प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार कौन है? तब यह सवाल भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली के बिलकुल विपरीत है।
 
मनीष तिवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के चुनाव प्रचार की अगुवाई राहुल गांधी करेंगे और प्रधानमंत्री का चयन जब चुनाव संपन्न हो जाएगा, तब होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी राजनीतिक फायदे के लिए चुनाव के समय राम मंदिर का मुद्दा उठाती है।
 
तिवारी ने कहा कि पिछले 26 वर्षों से भाजपा को केवल चुनाव के समय ही राम मंदिर की याद आती है। आप पाएंगे कि भाजपा ने प्रत्येक चुनाव के दौरान राम मंदिर का मुद्दा उठाया है। हालांकि उन्हें न तो राम पर विश्वास है और न ही मंदिर पर। उन्हें केवल भगवान के नाम पर वोट मिलने पर ही भरोसा है। 

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