Publish Date: Sat, 07 Feb 2026 (12:28 IST)
Updated Date: Sat, 07 Feb 2026 (12:37 IST)
Yamuna Express way accident : उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आ रही है। यहां यमुना एक्सप्रेस वे पर भीषण सड़क हादसे के दौरान 6 लोगों की मौत हो गई है जबकि कई लोग घायल है, घायलों में एक की हालत नाजुक बनी हुई है। यह हादसा युमना एक्सप्रेस वे थाना सुरीर कोतवाली क्षेत्र के माइल स्टोन 88 के पास बस में कंटेनर के टक्कर मारने पर हुआ है। टक्कर के बाद चींख-पुकार मच गई, आसपास के लोग घायलों की मदद के लिए दौड़ पड़े। लेकिन हादसे ने एक बार फिर से सुरक्षा मानकों की अनदेखी की भयावह तस्वीर सामने आई है।
मिली जानकारी के मुताबिक यह दर्दनाक हादसा शनिवार की सुबह करीब पौने तीन बजे के करीब हुआ। एक प्राइवेट बस यात्रियों को दिल्ली के नांगलोई से लेकर कानपुर स्थित रसूलाबाद जा रही थी। बस में सवार कुछ यात्रियों ने लघुशंका के लिए बस रुकवाने की मांग की।
चालक ने निर्धारित ग्रीन जोन या सुरक्षित स्थान पर वाहन रोकने के बजाय एक्सप्रेसवे के किनारे ही बस खड़ी कर दी। बस रुकते ही कई यात्री नीचे उतरकर सड़क किनारे खड़े हो गए। इसी बीच पीछे से आ रहा एक कंटेनर अनियंत्रित हो गया और उसने पहले खड़ी बस को जोरदार टक्कर मारी और फिर सड़क किनारे खड़े यात्रियों को कुचल दिया।
टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में अफरा-तफरी फैल गई। जबरदस्त टक्कर होने के चलते मौके पर ही छह लोगों की मौत हो गई, जबकि औरेया का रहनज वाला अमर दूबे गंभीर अवस्था में है। मृतकों में औरैया के सरवा कटरा निवासी सोनू, बस्ती के अलेवल निवासी देवेश, कन्नौज के गणेश का पुरवा निवासी अस्लम, दिल्ली के प्रेम नगर निवासी संतोष समेत दो अन्य यात्री है।
सूचना मिलते ही मथुरा पुलिस एक्सप्रेस वे राहत के लिए दलबल के साथ पहुंची। पुलिसकर्मियों के रेस्क्यू टीम ने मृतकों को पोस्टमार्टम के लिए भेज जबकि घायलों को अस्पताल मे भर्ती कराया है। पुलिस ने टक्कर मारने वाले कंटेनर को कब्जे में ले लिया है, जबकि उसका चालक घटना के बाद से फरार बताया जा रहा है। उसकी तलाश की जा रही है और हादसे के कारणों की जांच जारी है।
यह हादसा एक बार फिर से उजागर करता है कि एक्सप्रेस वे पर की गई छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। यदि बस को सुरक्षित स्थान पर रोका जाता और यात्री सावधानी बरतते, तो शायद इस घटना को होने से टाला जा सकता था और 6 लोगों की मौत भी टल सकती थी। फिलहाल पूरे क्षेत्र में गमहीन माहौल है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बड़ा सवाल यही है कि आखिर एक्सप्रेसवे पर नियमों का उल्लंघन कब तक लोगों की जान लेता रहेगा?
Edited by : Nrapendra Gupta