Publish Date: Wed, 09 Jan 2019 (16:19 IST)
Updated Date: Wed, 09 Jan 2019 (16:21 IST)
लखनऊ। उत्तरप्रदेश में इस समय जहां समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं उठापटक का दौर जारी है और इसी उठापटक के दौरान कई समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री समाजवादी पार्टी को अलविदा कहते हुए शिवपाल सिंह यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी में शामिल हो चुके हैं तो वहीं अभी कुछ दिन पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव के द्वारा पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित किए गए पूर्व कैबिनेट मंत्री शिव कुमार बेरिया ने अपने साथियों के साथ प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है और कहीं न कहीं कई अन्य बड़े समाजवादी नेता शिवपाल सिंह यादव के संपर्क में बने हुए हैं और अगर सूत्रों की मानें तो जल्द ही कई पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक समाजवादी पार्टी को अलविदा कहते हुए प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का दामन थाम सकते हैं।
भैयाजी को और मुझे अपमान झेलना पड़ा है : गुरुवार को लखनऊ के लालबहादुर शास्त्री मार्ग स्थित शिविर कार्यालय में पूर्व कैबिनेट मंत्री शिव कुमार बेरिया को साथियों के साथ प्रगतिशील पार्टी मैं शामिल करने की प्रक्रिया में खुद प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपालसिंह यादव मौजूद रहे और उन्होंने बड़े ही तहे दिल के साथ पूर्व कैबिनेट मंत्री शिव कुमार बेरिया व उनके साथियों का प्रगतिशील पार्टी में स्वागत किया और इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपालसिंह यादव ने भाजपा और कांग्रेस से लेकर सपा-बसपा के गठबंधन पर भी निशाना साधा।
उन्होंने गठबंधन के सवाल पर कहा कि हमारी पार्टी सेक्युलर पार्टी है। भाजपा को छोड़कर अगर जो पार्टी हमें सम्मानजनक सीटे देगी, उसके साथ गठबंधन करेंगे। पत्रकारों ने पूछा कि अगर सुबह का भूला भतीजा शाम को घर वापसी करता है और चाचा के पास लौटकर आएगा तो क्या करेंगे आप, तो मुस्कुराते हुए पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि देखिए भैयाजी और मुझे अपमान झेलना पड़ा और लोगों को भी अपमान झेलना पड़ा।
उन्होंने कहा कि मैंने एक सीट नेताजी के लिए छोड़ी है। नेताजी जहां से भी चुनाव लड़ते हैं, उनका हम समर्थन करेंगे। बाकी की सभी सीट पर हमारे प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे। शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि भाजपा की केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ अभी तक सिर्फ प्रसपा ही सड़कों पर उतरी है। अब 6 फरवरी को किसानों की समस्याओं को लेकर प्रदेशभर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा।