Publish Date: Fri, 23 Jan 2026 (13:01 IST)
Updated Date: Fri, 23 Jan 2026 (13:19 IST)
Uttarakhand news : उत्तराखंड में कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जिनमें रुड़की-देवबंद नई रेल लाइन शामिल है। लक्सर, लंढौरा-धनौरा, रुड़की, चोड़िआला एवं ऐथल सहित कई स्थानों पर आरओबी, आरयूबी एवं एलएचएस से संबंधित कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इससे रेलवे क्रासिंग पर सुरक्षा में वृद्धि हुई है और व्यस्त स्थानों पर यातायात जाम की समस्या में कमी आई है। हर्रावाला, रुड़की एवं कोटद्वार रेलवे स्टेशनों पर अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकास कार्य किया जा रहा है। रुड़की से देवबंद नई रेल लाइन परियोजना (27.45 किलोमीटर) की कमीशनिंग कर दी गई है।
खबरों के अनुसार, उत्तराखंड में कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जिनमें रुड़की-देवबंद नई रेल लाइन शामिल है। लक्सर, लंढौरा-धनौरा, रुड़की, चोड़िआला एवं ऐथल सहित कई स्थानों पर आरओबी, आरयूबी एवं एलएचएस से संबंधित कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इससे रेलवे क्रासिंग पर सुरक्षा में वृद्धि हुई है और व्यस्त स्थानों पर यातायात जाम की समस्या में कमी आई है।
हर्रावाला, रुड़की एवं कोटद्वार रेलवे स्टेशनों पर अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकास कार्य किया जा रहा है। रुड़की से देवबंद नई रेल लाइन परियोजना (27.45 किलोमीटर) की कमीशनिंग कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार–देहरादून रेल खंड की क्षमता वृद्धि योजना की समीक्षा करते हुए बताया कि हर्रावाला में 24 कोच हैंडलिंग सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, जिसमें लूप लाइन विस्तार एवं गति वृद्धि के लक्ष्य शामिल हैं। इस परियोजना के तहत वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सहयोग से वन्यजीव न्यूनीकरण योजना तैयार की जा रही है।
सीएम ने निर्देश दिए कि टनकपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। लक्सर, लंढौरा–धनौरा, रुड़की, चोड़ीआला एवं ऐथल समेत कई स्थानों पर आरओबी, आरयूबी व एलएचएस से संबंधित काम पूरे किए गए, जिससे रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा वृद्धि हुई है। हरिद्वार व देहरादून रेलवे स्टेशनों के लिए क्षमता वृद्धि के पुनर्विकास प्रस्तावित है, जिसमें विश्वस्तरीय यात्री सुविधाएं, आइकॉनिक टर्मिनल डिज़ाइन, आगमन व प्रस्थान का पृथक्करण और बेहतर बाह्य यातायात व्यवस्था विकसित की जाएगी।
लक्सर-हरिद्वार रेल खंड पर अब 110 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से ट्रेन चल सकेगी, जबकि सहारनपुर-हरिद्वार रेलवे ट्रैक को 110 किमी. प्रति घंटा गति के अनुरूप तैयार करने का प्रस्ताव दिया गया है, 130 किलोमीटर प्रति घंटा गति के लिए डीपीआर स्वीकृत की जा चुकी है। भविष्य में 160 किमी. प्रति घंटा गति से ट्रेनों को चलाने के लिए मार्गों की पहचान की गई है।
जिसमें नए स्टेशन भवनों का निर्माण, एसी प्रतीक्षालय, फूड कोर्ट, दिव्यांगजन एवं पैदल यात्रियों के अनुकूल डिजाइन, प्लेटफार्म ऊंचाई का मानकीकरण, प्लेटफार्म शेड, नए एवं चौड़े फुट ओवर ब्रिज तथा आधुनिक सर्कुलेटिंग एवं पार्किंग क्षेत्र का विकास शामिल है। राज्य में नए माल टर्मिनल के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिसमें पत्री में एकीकृत माल टर्मिनल सुविधा का विकास तथा पत्री एवं ज्वालापुर स्टेशनों को एलएमवी लोडिंग के लिए उन्नत किया जा रहा है।
रुड़की से देवबंद को जोड़ने वाली नई रेलवे लाइन परियोजना (27.45 किलोमीटर) शुरू कर दी गई। इसके तहत बनहेड़ा खास व झबरेड़ा में नए रेलवे स्टेशनों का निर्माण किया गया है। इसके अलावा राज्य के प्रमुख रेल मार्गों पर गति वृद्धि से संबंधित कार्य पूरे किए गए हैं।
Edited By : Chetan Gour
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
Publish Date: Fri, 23 Jan 2026 (13:01 IST)
Updated Date: Fri, 23 Jan 2026 (13:19 IST)