Publish Date: Sun, 17 Oct 2021 (09:22 IST)
Updated Date: Sun, 17 Oct 2021 (09:26 IST)
सोनीपत/अमृतसर। हरियाणा के सोनीपत में सिंघु बॉर्डर पर किसान प्रदर्शन स्थल पर पीट-पीट कर दलित मजदूर की हत्या के मामले में दूसरे आरोपी को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि इसके बाद दो अन्य आरोपियों ने सोनीपत पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया। वहीं, मृतक के परिजनों ने बेअदबी करने के हमलावरों के दावे पर सवाल उठाये हैं और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की।
इस बीच, पंजाब के तरन तारन जिले के गांव में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परिजनों की मौजूदगी में मृतक लखबीर सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया गया। लखबीर के अंतिम संस्कार के दौरान कोई ग्रंथी वहां अरदास के लिए मौजूद नहीं था, और न ही उसके गांव चीमा कलां से कोई अंतिम संस्कार में शामिल हुआ।
इस बर्बर हत्याकांड को अंजाम देने के आरोप में शुक्रवार को सरबजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया था। सरबजीत को आज हरियाणा के सोनीपत जिले की एक अदालत में पेश किया गया जहां से उसे सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि इसके कुछ घंटे बाद अन्य आरोपी नारायण सिंह को अमृतसर देहात पुलिस ने अमृतसर जिले के अमरकोट गांव से गिरफ्तार कर लिया। इस जघन्य हत्या के मामले में शनिवार की देर शाम दो अन्य लोगों ने सोनीपत पुलिस के समक्ष कुंडली में आत्मसमर्पण कर दिया। दोनों पंजाब के फतेहगढ़ साहिब के रहने वाले हैं।
गिरफ्तारी से पहले नारायण सिंह ने अमरकोट गुरद्वारे में अरदास की और इस दौरान कुछ लोगों ने उसे फूलों एवं नोटों की माला पहनाकर सम्मानित किया।
पुलिस के अनुसार, सरबजीत सिंह ने इस जघन्य हत्या में कुछ और लोगों के शामिल होने का दावा किया था। इसके बाद दिल्ली की सीमाओं पर उन विरोध स्थलों को खाली कराने के लिए कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है, जहां किसान पिछले साल नवंबर से केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों को खत्म करने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं।
किसान नेताओं ने हालांकि, कहा कि इस घटना का उनके आंदोलन पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगवा कर तथा और अधिक स्वयंसेवकों की तैनाती कर सुरक्षा को और पुख्ता किया जाएगा।
पंजाब के तरन तारन जिले के रहने वाले श्रमिक लखबीर सिंह का शव शुक्रवार को सिंघू बॉर्डर पर अवरोधकों से बंधा मिला था। उसका एक हाथ कटा हुआ था और उसके शरीर पर तेज धारदार हथियार से हमले के कई निशान मौजूद थे।