रजनीकांत अभिनीत 'काला' के निर्माताओं ने कर्नाटक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया

Webdunia
मंगलवार, 5 जून 2018 (12:10 IST)
बेंगलुरु। फिल्म 'काला' के निर्माता के. धनुष और उनकी पत्नी ऐश्वर्या ने कर्नाटक उच्च न्यायालय में एक याचिका दाखिल कर अनुरोध किया है कि राज्य सरकार और कर्नाटक फिल्म चेंबर ऑफ कॉमर्स (केएफसीसी) को फिल्म को सुचारू रूप से रिलीज करने के निर्देश दिए जाएं।


'काला' दुनियाभर में सात जून को रिलीज होनी है लेकिन केएफसीसी ने कहा कि राज्य में फिल्म का ना तो वितरण होगा और ना ही प्रसारण। सुपरस्टार रजनीकांत के दामाद धनुष ने याचिका में कहा कि फिल्म प्रदर्शित करना संविधान के तहत याचिकाकर्ताओं का मौलिक अधिकार है।

याचिकाकर्ताओं ने कहा, सीबीएफसी ने निर्धारित प्रक्रिया और सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने के बाद 'काला' की रिलीज के लिए सिनेमैटोग्राफी एक्ट 1952 की धारा 5बी के तहत प्रमाण पत्र जारी किया। ऐसा प्रमाण पत्र मिलने के बाद फिल्म प्रदर्शित करना संविधान के अनुच्छेद 19(1) के तहत याचिकाकर्ता का मौलिक अधिकार है। उन्होंने कर्नाटक में 'काला' से जुड़े निर्देशकों, प्रोड्यूसरों और कास्ट दर्शकों के लिए तथा थिएटरों में सुरक्षा की भी मांग की।

उन्होंने अपनी याचिका में सरकार, गृह विभाग, राज्य पुलिस प्रमुख, बेंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड और केएफसीसी को प्रतिवादी बनाया है।याचिकाकर्ताओं ने कहा कि केएफसीसी ने कावेरी विवाद पर रजनीकांत के कथित विचारों के बाद कर्नाटक में 'काला' का वितरण और रिलीज करने से इनकार किया है।

उन्होंने कहा कि केएफसीसी के अध्यक्ष सारा गोविंदु ने 30 मई को एक बयान जारी कर कहा था कि कर्नाटक में कहीं भी फिल्म का ना तो वितरण किया जाएगा और ना ही उसकी स्क्रीनिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि कई कन्नड़ समर्थक संगठनों ने मुख्यमंत्री एचडी कुमास्वामी से 'काला' पर रोक लगाने की मांग की है। याचिका पर आज सुनवाई हो सकती है।

इस बीच विवादित अभिनेता प्रकाश राज ने कर्नाटक में फिल्म की रोक पर सवाल उठाया है। प्रकाश राज ने ट्वीट कर कहा फिल्म 'काला' का कावेरी मुद्दे से क्या लेना-देना है? क्यों हमेशा फिल्म समुदाय को निशाना बनाया जाता है? क्या जद(एस)/ कांग्रेस सरकार असामाजिक तत्वों को कानून अपने हाथ में लेने देगी जैसा कि भाजपा ने 'पद्मावत' के साथ किया या आप आम आदमी और उनकी पसंद के अधिकार के हित में कदम उठाएंगे?

राज ने एक बयान में कहा, ये कौन लोग हैं, जो यह तय करते हैं कि ज्यादातर कन्नड़ भाषी क्या करना चाहते हैं या क्या नहीं? वितरकों, निवेशकों और थिएटर मालिकों तथा उन पर निर्भर हजारों लोगों का क्या? उन लाखों सिनेमा प्रेमियों का क्या, जिनकी वजह से ये लोग कमाते हैं? (भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

गृहमंत्री अमित शाह का तंज, अखिलेश ने हाथ जोड़े, डिंपल यादव भी मुस्कुराईं

AI से खत्म हो सकता है पानी, खौफनाक सच से क्यों अनजान हैं यूजर्स

UPI फिर हुआ डाउन, हफ्ते में दूसरी बार यूजर्स हुए परेशान, क्या बोला NPCI

Rajasthan : जयपुर सीरियल ब्लास्ट मामला, 11वां फरार आरोपी फिरोज गिरफ्तार

क्या थी रतन टाटा की आखिरी इच्छा, कैसे होगा 3800 करोड़ की संपत्ति का बंटवारा, किसे क्या मिलेगा?

सभी देखें

नवीनतम

टोल कलेक्‍शन में उत्तर प्रदेश टॉप पर, 7060 करोड़ रुपए की हुई कमाई

लालू यादव की तबीयत नाजुक, एम्स में कराया गया भर्ती

Meta ने Facebook और Instagram की सामग्री पर नहीं लगाई लगाम, तुर्किए सरकार ने लगाया जुर्माना Turkish government fined Meta

बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का दावा, वक्फ की 90 फीसदी से अधिक संपत्ति विवादित

Waqf Amendment Bill को लेकर मोदी सरकार पर भड़के औवेसी, बोले मैं गांधी के तरह बिल फाड़ता हूं

अगला लेख