Hanuman Chalisa

दिवाली पर करें श्रीराम की यह स्तुति, होगी चारों दिशाओं से विजय की प्राप्ति

Webdunia
उन्नति, सुख एवं विजय की पताका फहराना है तो दिवाली पर करें श्रीराम स्तुति
 
भोजन करिअ तृपिति हित लागी।
जिमि सो आसन पचवै जठरागी।।
 
असि हरिभगति सुगम सुखदायी।
को अस मूढ़ न जाहि सोहाई।।
 
सेववू सेब्य भाव बिनु भव न तरिअ उरगारि।
भजहु रामपद पंकज अस सिद्धांत विचारि।।
 
अर्थात जिस प्रकार भोजन भूख मिटाने के लिए किया जाता है, परंतु जब वह पेट में जाता है तब जठराग्नि अपने आप उसे पचाकर उसका सारा रस निकालकर शरीर के विभिन्न भागों में पहुंचा देती है। उसी प्रकार प्रभु की भक्ति भी प्रभु मिलन के आनंद के लिए की जाती है, पर इससे मुक्ति अपने आप ही प्राप्त हो जाती है। भक्ति सुगम और सुखदायी है अर्थात भक्ति में हर प्रकार की साधना के सभी फल अपने आप आ जाते हैं। इसलिए कौन मुर्ख होगा, जो उसको नहीं अपनाएगा?
 
इस भाव को समझे बिना कि सेवक हूं और भगवान मेरे सेव्य अर्थात स्वामी हैं, कोई भी बिना प्रभुकृपा के संसार समुद्र से पार नहीं उतर सकता। ऐसे विचार कर प्रभु के चरण कमलों का भजन कीजिए।
 
दीपावली पर श्रीराम लंका विजय प्राप्त करके आए थे। दीपावली पर आप श्रीरामजी की स्तुति करते हैं, तो आप भी कष्टों पर विजय प्राप्त कर जीवन के अंधेरे में दीप के प्रकाश जैसा उन्नति व सुखरूपी प्रकाश प्राप्त कर सकते हैं।
 
।।जा पर कृपा राम की होई, ता पर कृपा करें सब कोई।।
ALSO READ: श्रीराम का अयोध्या लौटने पर नगरवासियों ने किया था इस तरह स्वागत, रामचरित मानस में है वर्णन
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

अधिकमास 2026: क्यों माना जाता है सबसे पवित्र महीना? जानें पूजा विधि, मंत्र और 6 खास बातें

वास्तु टिप्स: खुशहाल घर और खुशहाल जीवन के 10 सरल उपाय vastu tips

सूर्य के वृषभ राशि में प्रवेश से बदलेंगे वैश्विक हालात? जानें भविष्यफल

सूर्य का वृषभ राशि में प्रवेश, जानें मेष से मीन तक किसे मिलेगा लाभ, राशिफल

घर में रात में चमगादढ़ घुसने के हैं 6 कारण, भूलकर भी न करें नजरअंदाज, तुरंत बरतें ये सावधानियां

सभी देखें

धर्म संसार

16 May Birthday: आपको 16 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

धार की भोजशाला से मौलाना कमाल मस्जिद तक: जानिए इतिहास में कब और कैसे हुआ बदलाव

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 16 मई 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

Guru Pushya Yoga 2026: 21 मई 2026 को बनेगा गुरु-पुष्य योग का शुभ संयोग, जानें क्यों हैं खास

Adhika Maas 2026: 17 मई से पुरुषोत्तम मास, ज्येष्ठ अधिकमास में पुण्य लाभ कैसे पाएं और क्या टालें?

अगला लेख