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गोवर्धन पूजा : कौन से शुभ समय में करें अन्नकूट

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गोवर्धन पूजा का पर्व भगवान कृष्ण द्वारा अहंकार में डूब चुके इन्द्र देवता को पराजित करने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अंतर्गत कार्तिक माह की प्रतिपदा तिथि के दौरान गोवर्धन पूजा उत्सव को मनाने की बात कही गई है। 
 
गोवर्धन  पूजा को अन्नकूट भी कहा जाता है। जो लोग गोवर्धन पर्वत पर जाकर पूजा नहीं कर पाते वे गोबर से गोवर्धन पर्वत बना लेते हैं या फिर अन्न से गोवर्धन बनाए जाते हैं... इसे ही अन्न-कूट कहा जाता है।
 
इस दिन मंदिरों और अन्य धार्मिक संस्थानों के अलावा गली-मोहल्लों और घरों में बेहे बेसन की कढ़ी, चावल और पत्तेदार सब्जियों का भोजन बनाकर सर्वप्रथम गोवर्धन भगवान को भोग लगाया जाता है और उसके पश्चात भंडारा किया जाता है। चलिए जानते हैं गोवर्धन पूजा कब और किस शुभ मुहूर्त में की जानी फलदायक साबित होगी।
 
गोवर्धन पूजा / अन्न कूट की तिथि
 
दिवाली के बाद गोवर्धन पूजा का त्योहार 15 नवंबर को मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस तिथि पर भगवान कृष्ण ने इंद्रदेव के घमंड का नाश किया था। 
 
गोवर्धन पूजा दिवाली के चौथे दिन मनाया जाता है। इस बार गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त दोपहर को 13 बजकर 34 मिनट से 14 बजकर 56 मिनट तक है। इसके बाद 17.43 से 20.57 तक शुभ व अमृत में गोपूजन श्रेष्ठ है।

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