हनुमानजी ने यहां पर अपने पैरों तले कुचला था शनिदेव को

अनिरुद्ध जोशी
हनुमानजी के देशभर में हजारों मंदिर है उनमें से सैंकड़ों सिद्ध मंदिर है। शनिदेव और हनुमानजी से जुड़े मंदिर भी सैंकड़ों होंगे, उन्हीं मंदिरों में से एक मंदिर हरै गुजरात क सारंगपुर स्थित कष्टभंजन हनुमान दादा महाराज का मंदिर। आओ जानते हैं इस संबंध में संक्षिप्त जानकारी।
 
 
कष्टभंजन हनुमान दादा महाराज मंदिर, सारंगपुर ‍(गुजरात) :
1. गुजरात के भावनगर के सारंगपुर में विराजने वाले कष्‍टभंजन महाराजाधिराज हनुमान यहां हनुमान दादा के नाम से पुकारे जाते हैं। अहमदाबाद-भावनगर रेलवे लाइन पर स्थित बोटाद जंक्शन से सारंगपुर लगभग 12 मील दूर है। अहमदाबाद से भावनगर की ओर जाते हुए करीब 175 किलोमीटर की दूरी पर कष्‍टभंजन हनुमान का यह दिव्‍य धाम है।
 
2. सोने के सिंहासन पर विराजमान हनुमान दादा की यहां स्थित मूर्ति के चरणों में शनि महाराज विराजमान हैं।
 
3. कहा जाता है कि एक समय था, जब शनिदेव का पूरे राज्य पर आतंक था। आखिरकार भक्तों ने अपनी फरियाद बजरंग बली से की। भक्तों की बातें सुनकर हनुमानजी शनिदेव को मारने के लिए उनके पीछे पड़ गए। 
 
4. अब शनिदेव के पास जान बचाने का आखिरी विकल्प बाकी था, सो उन्होंने स्त्री रूप धारण कर लिया क्योंकि उन्हें पता था कि हनुमानजी बाल ब्रह्मचारी हैं और वे किसी स्त्री पर हाथ नहीं उठाएंगे। 
 
5. लेकिन कहते हैं कि भगवान राम के आदेश से उन्होंने स्त्री-स्वरूप शनिदेव को अपने पैरों तले कुचल दिया और गांव को शनिदेव के अत्याचार से मुक्ति कराया।
 
6. हनुमानजी के इस दर पर आकर भक्‍तों का हर दुख, उनकी हर तकलीफ का इलाज हो जाता है, फिर चाहे बात बुरी नजर हो, भूत पीड़ा या शनिपीड़ा हो या कोई और समस्या हो सभी से मुक्ति मिल जाती है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

हिन्दू नववर्ष को किस राज्य में क्या कहते हैं, जानिए इसे मनाने के भिन्न भिन्न तरीके

कब मनेगी ईद 31 मार्च या 1 अप्रैल, जानिए सही तारीख

नवरात्रि की प्रथम देवी मां शैलपुत्री की कथा

चैत्र नवरात्रि 2025 पर अपनों को शेयर करें ये विशेस और कोट्स, मां दुर्गा के आशीर्वाद से जीवन होगा मंगलमय

गुड़ी पड़वा विशेष: गुड़ी पर क्यों चढ़ाते हैं गाठी/पतासे का हार, जानिए इसका धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व

सभी देखें

धर्म संसार

चैत्र नवरात्रि में कौन सा रंग पहनें? जानें 9 दिन के 9 रंगों का शुभ महत्व

सूर्य ग्रहण और शनि के मीन राशि में प्रवेश का दुर्लभ संयोग, क्या होगा देश दुनिया का हाल? कौनसी 6 राशियां रहेंगी बेहाल?

इन तीन तारीखों पर जन्मे लोगों पर शनि देव रहते हैं मेहरबान, दुनिया जीतने का रखते हैं दम

नवरात्र में कर रहे हैं वैष्णो देवी जाने की प्लानिंग, जान लें व्यवस्था से जुड़ी यह जरूरी खबर

रमजान के आखिरी जुमा मुबारक के साथ अपनों को दें ये खास संदेश

अगला लेख