Dharma Sangrah

सर्वपितृ अमावस्या पर करते हैं किन लोगों का श्राद्ध, जानिए 5 खास बातें

अनिरुद्ध जोशी
बुधवार, 29 सितम्बर 2021 (15:12 IST)
आश्विन माह की कृष्ण अमावस्या को सर्वपितृ मोक्ष श्राद्ध अमावस्या कहते हैं। सर्वपितृ अमावस्या पितरों को विदा करने की अंतिम तिथि होती है। 15 दिन तक पितृ घर में विराजते हैं और हम उनकी सेवा करते हैं फिर उनकी विदाई का समय आता है। इसीलिए इसे 'पितृविसर्जनी अमावस्या', 'महालय समापन' या 'महालय विसर्जन' भी कहते हैं। श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान आदि कर्म करने के बाद भोजन कराए जाने की परंपरा है। 6 अक्टूबर 2021 को सर्वपितृ अमावस्या है। आओ जानते हैं कि इस दिन किन लोगों का श्राद्ध करते हैं।
 
ALSO READ: सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर इन 10 लोगों को कराएं भोजन
1. कहते हैं कि जो नहीं आ पाते हैं या जिन्हें हम नहीं जानते हैं उन भूले-बिसरे पितरों का भी इसी दिन श्राद्ध करते हैं। अत: इस दिन श्राद्ध जरूर करना चाहिए।
 
2. अगर कोई श्राद्ध तिथि में किसी कारण से श्राद्ध न कर पाया हो या फिर श्राद्ध की तिथि मालूम न हो तो सर्वपितृ श्राद्ध अमावस्या पर श्राद्ध किया जा सकता है। मान्यता है कि इस दिन सभी पितर आपके द्वार पर उपस्थित हो जाते हैं।
ALSO READ: सर्वपितृ अमावस्या पर जरूर करें ये 5 कार्य, आपके पूर्वज होंगे प्रसन्न
3. पूर्णिमा को जिनका निधन हुआ है तो उनका श्राद्ध अष्टमी, द्वादशी या सर्वपितृ अमावस्या को भी किया जा सकता है।
 
4. इस दिन सौभाग्यवती स्त्री, माता या जिन महिलाओं की मृत्यु की तिथि ज्ञात नहीं है उनका भी श्राद्ध कर सकते हैं।
 
5. इस दिन कुआंरे, संन्यासी, दुर्घटना या किसी अन्य हादसे में मृत और बच्चों का भी श्राद्ध किया जाता है।
ALSO READ: सर्वपितृ अमावस्या : कहां किस स्थान पर करना चाहिए श्राद्ध?
नोट : सर्वपितृ अमावस्या पर पंचबलि कर्म के साथ ही पीपल की सेवा और पूजा करने से पितृ प्रसन्न होते हैं। स्टील के लोटे में, दूध, पानी, काले तिल, शहद और जौ मिला लें और पीपल की जड़ में अर्पित कर दें। शास्त्र कहते हैं कि "पुन्नामनरकात् त्रायते इति पुत्रः" जो नरक से त्राण (रक्षा) करता है वही पुत्र है। इस दिन किया गया श्राद्ध पुत्र को पितृदोषों से मुक्ति दिलाता है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

हिंदू पुराण, ज्योतिष, नास्त्रेदमस, बाबा वेंगा और भविष्‍य मालिका की 6 कॉमन भविष्यवाणियां

सूर्य का मीन राशि में गोचर: इन 6 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की और धन के नए रास्ते

चैत्र नवरात्रि 2026: घट स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है? जानें कलश स्थापना का सही समय

हिंदू नववर्ष 2083 के कौन है वर्ष का राजा और मंत्री, किन राशियों पर रहेगा शुभ प्रभाव

विक्रम संवत सबसे प्राचीन होने के बाद भी भारत का राष्ट्रीय कैलेंडर क्यों नहीं बना? जानिए 3 बड़े कारण

सभी देखें

धर्म संसार

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (24 मार्च, 2026)

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 24 मार्च 2026: मंगलवार का पंचांग और शुभ समय

24 March Birthday: आपको 24 मार्च, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

अशोक अष्टमी: चैत्र नवरात्रि का वह पर्व जो मिटा देता है जीवन के समस्त शोक

रामनवमी 2026: प्रभु श्रीराम को लगाएं ये 5 खास भोग, तुरंत प्रसन्न होकर देंगे आशीर्वाद

अगला लेख