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14 जुलाई को सावन माह की प्रथम सवारी पर क्या रहेगा उज्जैन महाकाल बाबा का स्वरूप, कैसे करें पूजा

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Mahakal Sawari 2025
Mahakaleshwar sawari ujjain 2025 : सावन में उज्जैन में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की शाही सवारी 14 जुलाई से 18 अगस्त तक चलेगी। 11 जुलाई 2025 शुक्रवार से श्रावण मास की शुरुआत हो गई है। सावन मास का पहला सोमवार 14 जुलाई को रहेगा और इसी दिन महाकाल बाबा की पहली सवारी निकलने वाली है। महाकालेश्वर भगवान की सवारी निकलने के पहले मंदिर के सभामंडप में भगवान श्री चन्द्रमोलेश्वर का विधिवत पूजन-अर्चन किया जाएगा। इसके बाद भगवान श्री चन्द्रमोलेश्वर पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे।ALSO READ: सावन में महाकाल के दर्शन करने से पहले 7 बातें जान लेना है बहुत जरूरी, वर्ना दर्शन का नहीं मिलेगा लाभ
 
महाकाल की शाही सवारी का मार्ग:
भगवान महाकाल की सवारी को सबसे पहले मंदिर के द्वार पर 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया जाएगा। इसके बाद सवारी आरंभ होगी। सवारी अपने पारंपरिक मार्ग यानी महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्शी बाजार और कहारवाड़ी से होते हुए रामघाट पहुंचेगी। रामघाट पर, भगवान महाकाल को शिप्रा नदी के पवित्र जल से स्नान कराया जाएगा और पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद, सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार से होते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर वापस आएगी।ALSO READ: सावन सोमवार 2025 में उज्जैन महाकाल सवारी कब कब निकलेगी
 
महाकाल सवारी की तिथियां और स्वरूप:
प्रथम सवारी: 14 जुलाई को श्री मनमहेश रूप में विराजित होंगे बाबा।
द्वितीय सवारी: 21 जुलाई श्री चंद्रमोलेश्वर रूप में विराजित होंगे बाबा।
तृतीय सवारी: 28 जुलाई श्री शिव तांडव रूप में विराजित होंगे बाबा।
चतुर्थ सवारी: 4 अगस्त श्री उमा महेश रूप में विराजित होंगे बाबा।
पंचम सवारी: 11 अगस्त श्री होलकर स्टेट भक्त रूप में विराजित होंगे बाबा।
शाही सवारी: 18 अगस्त श्री सप्तधान मुखारविंद रूप में विराजित होंगे बाबा।
 
महाकाल सवारी की पूजा:
1. महाकाल सवारी में शामिल भक्तों की सेवा करके भी आप पूजा का लाभ ले सकते हैं।
2. पालकी की पूजा करके भी आप बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
3. पंडितों से संपर्क करके आप महाकाल सवारी की पूजा और आरती कर सकते हैं। 
4. उज्जैन में कई जगहों पर महाकाल सवारी का स्वागत होता है इस दौरान भी आप पूजा कर सकते हैं।
 

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