Hanuman Chalisa

कैसा है शिव का स्वरूप, क्यों माने गए हैं स्वयंभू, जानिए...

Webdunia
भगवान शिव का स्वरूप : 
 
* शिव यक्ष के रूप को धारण करते हैं और लंबी-लंबी खूबसूरत जिनकी जटाएं हैं, जिनके हाथ में ‘पिनाक’ धनुष है, जो सत् स्वरूप हैं अर्थात् सनातन हैं, यकार स्वरूप दिव्यगुण सम्पन्न उज्ज्वलस्वरूप होते हुए भी जो दिगम्बर हैं। 
 
* जो शिव नागराज वासुकि का हार पहिने हुए हैं, वेद जिनकी बारह रुद्रों में गणना करते हैं, पुराण उन्हें शंकर और महेश कहते हैं उन शिव का रूप विचित्र है। 
 
* अर्धनग्न शरीर पर राख या भभूत मले, जटाधारी, गले में रुद्राक्ष और सर्प लपेटे, तांडव नृत्य करते हैं तथा नंदी जिनके साथ रहता है।


ALSO READ: श्रावण में 40 दिन तक शिव जी को घी चढ़ाने से मिलेगा यह आश्चर्यजनक आशीर्वाद, पढ़ें 12 राशि मंत्र भी...
 
 
* उनकी भृकुटि के मध्य में तीसरा नेत्र है। वे सदा शांत और ध्यानमग्न रहते हैं। इनके जन्म का अता-पता नहीं हैं। वे स्वयंभू माने गए हैं।

 


ALSO READ: इन पौराणिक कथाओं से जानिए कि क्यों प्रिय है शिव को श्रावण मास,अभिषेक और बेलपत्र

ALSO READ: श्रावण मास में मंदिर नहीं जा सकते, घर में रहकर करना है शिव पूजन तो यह लेख आपके लिए है, पढ़ें राशि अनुसार शिव पूजन

 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

वैशाख महीना किन देवताओं की पूजा के लिए है सबसे शुभ? जानें इसका धार्मिक महत्व

ऑपरेशन सिंदूर 2.0: क्या फिर से होने वाला है भारत और पाकिस्तान का युद्ध, क्या कहता है ज्योतिष

महायुद्ध के संकेत! क्या बदलने वाला है कुछ देशों का भूगोल? ज्योतिष की चौंकाने वाली भविष्यवाणी

अक्षय तृतीया पर क्यों होता है अबूझ मुहूर्त? जानिए इसका रहस्य

बैसाखी कब है, क्या है इसका महत्व, जानिए खास 5 बातें

सभी देखें

धर्म संसार

10 April Birthday: आपको 10 अप्रैल, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 10 अप्रैल 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने का समय क्या रहेगा?

कालाष्टमी के दिन करें इस तरीके भगवान भैरव की पूजा और 5 अचूक उपाय

अमरनाथ यात्रा 2026: जाने से पहले जरूर करें ये 5 जरूरी तैयारियां, तभी रहेंगे सुरक्षित

अगला लेख