Hanuman Chalisa

श्रावण मास 2021: भोलेनाथ को क्यों नहीं चढ़ती है मेहंदी, हल्दी और तुलसी

Webdunia
भगवान भोलेनाथ की मूर्ति या शिवलिंग पर केतकी और केवड़े का फूल, तुलसी, मेहंदी, हल्दी, कुमकुम, रोली, सिंदूर खंडित अक्षत, तिल, नारियल या नारियल का पानी नहीं अर्पित किया जाता है। आओ जानते हैं कि क्यों नहीं चढ़ाई जाती है मेहंदी, हल्दी और तुलसी।
 
 
1. मेहंदी : मेहंदी माता पर्वती को अर्पित की जाती है क्योंकि यह 16 श्रृंगार का हिस्सा है। भोलेनाथ का श्रृंगार को उनका भस्म है।
 
2. हल्दी : हल्दी का संबंध भगवान विष्णु और सौभाग्य से है इसलिए यह भगवान शिव को नहीं चढ़ती है। हल्दी, कुमकुम, रोली, सिंदूर और मेहंदी देवी पूजन की सामग्री है।
 
 
3. तुलसी : जलंधर नामक असुर की पत्नी वृंदा के अंश से तुलसी का जन्म हुआ था जिसे भगवान विष्णु ने पत्नी रूप में स्वीकार किया है। इसलिए तुलसी को शिव पूजा में अर्पित नहीं करते हैं। कथानुसार जलंधर नामक राक्षस से सब त्रस्त थे लेकिन उसकी हत्या नहीं हो सकती थी क्योंकि उसकी पतिव्रता पत्नी वृंदा के तप से उसका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता था। तब विष्णु ने छल से वृंदा के पति का वेष धारण किया और उसका धर्म भ्रष्ट कर दिया जिसके बाद भगवान शिव ने जलंधर का वध कर दिया। तब पवित्र तुलसी ने स्वयं भगवान शिव को अपने स्वरूप से वंचित कर यह शाप दिया था कि आपकी पूजन सामग्री में मैं नहीं रहूंगी।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

आदि शंकराचार्य का काल निर्धारण: 508 ईसा पूर्व या 788 ईस्वी में हुए थे शंकराचार्य?

अचानक बदलने वाली है इन 5 राशियों की तकदीर, ग्रहों का बड़ा संकेत

नास्त्रेदमस को टक्कर देते भारत के 7 भविष्यवक्ता, जानें चौंकाने वाली भविष्यवाणियां

मांगलिक दोष और वैवाहिक जीवन: क्या वाकई यह डरावना है या सिर्फ एक भ्रांति?

करियर का चुनाव और कुंडली का दसवां भाव: ग्रहों के अनुसार चुनें सही कार्यक्षेत्र

सभी देखें

धर्म संसार

Chitragupta Puja: भगवान चित्रगुप्त पूजा 2026: जानिए सही तरीके और सावधानियां

Ganga Snan 2026: गंगा स्नान, पूजा विधि, आरती, चालीसा और लाभ

Guru Pushya Yoga 2026: गुरु पुष्य योग में पूजा और खरीदी का शुभ मुहूर्त और महत्व

Ganga Saptami 2026: गंगा सप्तमी का धार्मिक महत्व, परंपरा और दान

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (23 अप्रैल, 2026)

अगला लेख